Workplace Skills: डिजिटलीकरण के दौर में संवाद का तरीका काफी हद तक बदल चुका है। ऐसे में, किसी व्यवसाय या कॉरपोरेट जगत में पेशेवरों को समझदारी से काम करना सीखना चाहिए।
इसकी शुरुआत होती है सही ढंग से सुनने से। दरअसल, संवाद की सही समझ आपको प्रेरित रखने और उत्पादकता बढ़ाने का सबसे प्रभावी साधन है। चूंकि, सुनने की क्षमता, बोलने की तुलना में कई गुना तेज होती है, इसीलिए सबसे पहले एक अच्छे श्रोता को यह समझना चाहिए कि संवाद के दौरान तुरंत निष्कर्ष पर न पहुंचें। ऐसा करने के कुछ तरीके हैं।
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आक्रामक लहजे से बचें
जब पेशेवर तनावमुक्त रहते हैं और सहज माहौल में काम करते हैं, तो उनका प्रदर्शन स्वाभाविक रूप से बेहतर हो जाता है। साथ ही, वे ज्यादा लगन से काम भी करते हैं। बातचीत के दौरान अपने व्यक्तित्व को भी दिखाने का मौका होता है। हालांकि, इसके लिए आंखों का सही संपर्क, शारीरिक भाषा और संतुलित आवाज का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है, ताकि बोलचाल में चिड़चिड़ेपन, आक्रामकता या अप्रिय बोली से बचा जा सके। संवाद में हल्का-फुल्का हंसी-मजाक शामिल करना माहौल को सहज बनाता है।
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एक महीन रेखा खीचें
बातचीत के दौरान यह समझना बेहद जरूरी है कि किन शब्दों का इस्तेमाल करना है और किनका नहीं, ताकि किसी की भावना को ठेस न पहुंचे। इसके लिए सूझबूझ और सही तकनीक अपनाना आवश्यक है, जिससे लोग न केवल सहज महसूस करें, बल्कि कही गई बात को भी लंबे समय तक याद रखें।
आम तौर पर प्रबंधकों के दो स्वरूप देखे जाते हैं-एक वे, जो उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से लोगों को प्रेरित करते हैं और दूसरे वे, जो डर दिखाकर काम निकलवाते हैं। वास्तविक सफलता उन्हीं प्रबंधकों को मिलती है, जो संवाद का बुद्धिमत्तापूर्ण प्रयोग करना जानते हैं।
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खास शैली अपनाएं
आपकी प्रस्तुति की सबसे बड़ी ताकत आपकी कहानी कहने की शैली होनी चाहिए। इसके लिए अपने कॉरपोरेट अनुभवों से जुड़ी रोचक कहानियां बातचीत में जरूर शामिल करें और श्रोताओं को भी प्रेरित करें कि वे भी अपने अनुभवों को जोड़ें। अपने पेशे को आगे बढ़ाने के लिए पुराने सहकर्मियों और परिचितों से जुड़ाव बनाए रखें।
इससे आपको अलग-अलग लोगों के बीच बोलने और खुद को प्रस्तुत करने के मौके मिलेंगे। साथ ही, अगर लोगों को आपकी प्रस्तुति पसंद आई, तो रोजगार के नए अवसर भी खुल सकते हैं।
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आत्मीयता और कार्यक्षमता बढ़ाने पर दें जोर
अपने संवाद की शुरुआत ऐसे उदाहरणों से करें, जो आम व्यावसायिक और पेशेवर अनुभवों को दर्शाते हों। सेमिनार और कार्यशालाओं में भाग लेने वालों को कैप्शन वाले कार्टून दिखाकर उनसे कैप्शन बनाने के लिए कहें। इससे बातचीत का माहौल तुरंत ही हल्का और सहज बन जाता है। ऐसे संवाद से संगठन में आत्मीयता बढ़ती है और कार्यक्षमता में भी सुधार होता है।