बहु प्रतिक्षित उत्तर प्रदेश प्रारंभिक परीक्षा में अब मात्र एक दिन शेष हैं, अभ्यर्थियों के मन में यह सवाल रहता है कि ऐसा क्या पढ़ा जाए, जिससे उनकी तैयारी को बल मिल सके। इसी क्रम में यहां प्रस्तुत रणनीति से आप अपनी तैयारी को अंतिम धार दे सकते हैं। रणनीति के प्रथम क्रम में किस विषय को ज्यादा समय देना है, और किसको अपेक्षकृत कम उसका निर्धारण आप निम्न लिखित सूची के क्रम से कर सकते हैं।
UPPCS: परीक्षा में सफलता दिलाएगी ये सटीक रणनीति
इतिहास : इतिहास में मुख्यतः आधुनिक भारत के प्रश्न अच्छे से तैयार करने होंगे। इनमें भी मुख्यतः 1857 की क्रांति, भारत में प्रेस व शिक्षा का विकास, कांग्रेस से पहले स्थापित पूर्व राजनैतिक पार्टियां, बंगाल विभाजन, क्रांतिकारी आंदोलन के प्रथम व दुत्तिय चरण, गांधी जी द्वारा चलाये गए प्रमुख आंदोलन जैसे कि चंपारण, अहमदाबाद मिल मजदूर असहयोग, सविनय अवज्ञा, भारत छोड़ों जैसे आंदोलन तैयार करने हैं। इसके बाद क्रमशः प्राचीन भारत ओर मध्य कालीन भारत के इतिहास को तैयार करें।
भूगोल : इस विषय में मुख्यतः 70 प्रतिशत प्रश्न भारत के भूगोल से होते हैं और 30 प्रतिशत प्रश्न विश्व भूगोल से इसलिए 40 दिनों की रणनीति में भारतीय भूगोल को अधिक समय दें। भारतीय भूगोल में नदियां, बहुउद्देश्यी नदी परियोजनाएं, बांध, मिट्टियां, एवं भारत के खनिज एवं ऊर्जा संसाधन पर विशेष फोकस करें। जबकि विश्व भूगोल में महासागरीय धाराएं, ज्वालामुखी, विश्व के प्रमुख औद्योगि नगर, महासागर एवं विश्व आर्थिक भूगोल पर ध्यान दें।
समसामयिकी : इस भाग से मुख्यतः परीक्षा होने की तिथी से एक वर्ष पूर्व की समसामयिकी तैयार करें जिसमें मुख्यतः भारतीय राष्ट्रीय घटनाक्रम, खेलकूद, विभिन्न स्थानों पर होने वाली विभिन्न बैठकें, सम्मेलन, सेना व सैन्य सामग्री से जुड़े हुए तथ्य इत्यादि पर विशेष ध्यान दें।
सामान्य विज्ञान : इस भाग में जीव-विज्ञान पर विशेष ध्यान दें जिसके अंतर्गत मनुष्य के पाचन तंत्र, रुधिर तंत्र, विटामिन, रोग व उनसे जुड़े उपचार, पर फोकस करें। वहीं भौतिक विज्ञान में ध्वनि, ऊर्जा, प्रकाश, ताप पर ध्यान दें।
पर्यावरण : चूंकि पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा के साथ-साथ एसीएफ आरएफओ (वन्य सेवा परीक्षा) भी आयोजित कर रहा है, इस कारण पर्यावरण के प्रश्नों में वृध्दि होना तय है। पर्यावरण के प्रश्नों में जैव विविधता, इको सिस्टम, वन्य जीव अभ्यरण्य नेशनल पार्क, पर्यावरण से जुड़े विभिन्न समझौते इत्यादि पर विशेष ध्यान दें।
राज्यव्यवस्था : इस भाग में मूलअधिकार, मौलिक कर्तव्य राज्य के नीतिनिदेशक तत्व, राष्ट्रपति, संसद, पंचायती राज्य, विभिन्न सावधानिक संशोधनों पर फोकस करें।
अर्थशास्त्र : इस भाग के अंतर्गत राष्ट्रीय आय, गरीबी, बेरोजगारी, मुदा एवं बैंकिग अंतरराष्ट्रीय संगठन पर विशेष ध्यान दें।
राज्य विशेष : इस भाग मे आप राज्य की कला, संस्कृति एवं भौगौलिक तथ्यों से जुड़े तथ्यों पर विशेष ध्यान दें।
जनगणना : इस भारत और उत्तर प्रदेश की जनगणना से जुड़े हुए प्रश्न पूछे जाएंगे। यहां आपको यह सलाह दी जाती है कि जनगणना के प्रश्नों में मात्र प्रथम, अधिकतम तथा प्रथम न्यूनतम ही नहीं इसके अलावा प्रथम पांच व अंतिम पांच स्थानों, राज्यों, जनजातियों, शहरों का क्रम याद करके जाएं इत्यादि।
उपरोक्त रणनीति पर कार्य करते हुए आपको निश्चित तौर पर सफलता प्राप्त होगी क्योंकि सफलता अधिक मेहनत करने के ब्जाय सही दिशा में मेहनत करने से प्राप्त होती है।
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