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Pics : हाथियों के आतंक से पेड़ पर रहता है आदिवासी परिवार

Thu, 01 Dec 2016 10:30 AM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 01 Dec 2016 10:30 AM IST
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Family in Ranchi forced to live on trees because of terror of rampaging elephants
- फोटो : ANI

रांची से सटे बुंडु गांव में हाथियों के उत्पात के डर से लोग पेड़ों पर रहने को मजबूर हैं।यहां के लोहराटोला में रहने वाले चार परिवारों ने पेड़ों पर ही अपना ठिकाना बना लिया है। वे खुद को हाथियों से बचाने के लिए पेड़ों पर ही सोते हैं।



 

Family in Ranchi forced to live on trees because of terror of rampaging elephants
- फोटो : ANI

जंगल किनारे इनका खेत होने के कारण ये मजबूरन यहीं रहते हैं। खेती के अतिरिक्त इनके पास रोजगार का कोई अन्य साधन नहीं । बुंडू का पूरा हुमटा पंचायत हाथी प्रभावित रहा है। हुमटा के गितिलडीह गांव के लोहराटोला जंगल के किनारे रहने के कारण यहां लगभग प्रतिदिन जंगली हाथी आ धमकते हैं। कई बार हाथियों ने इनका घर भी तोड़ डाला है।

Family in Ranchi forced to live on trees because of terror of rampaging elephants
- फोटो : ANI
जंगली हाथियों के भय से चारों परिवार दिन में तो खेतों में काम करते है लेकिन रात पेड़ों पर किसी तरह गुजारते हैं। जान बचाने के लिए इन्हें कड़कड़ती ठंढ और बारिश में भी पेड़ पर ही रात गुजारनी पड़ती है। न्यूज एजेंसी एएनआई को ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों ने मकानों को कई बार क्षत-विक्षत कर चुके हैं। वन विभाग से उन्हें कभी कोई मदद नहीं मिली ।
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Family in Ranchi forced to live on trees because of terror of rampaging elephants
- फोटो : ANI

अपने तीन बच्चों और पत्नी के साथ लगभग तीन वर्षों से पेड़ पर रह रहे परीक्षित लोहरा ने बताया कि बचाव के लिए रात में उनके पास मात्र घुमचा और टार्च ही रहता है। बच्चे दिन में ऐसे पत्थर के टुकड़ों को जमा करते हैं जिनका उपयोग घुमचा में हाथियों को भगाने के लिए किया जा सके।

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Family in Ranchi forced to live on trees because of terror of rampaging elephants
- फोटो : ANI

वन विभाग से उन्हें कभी कोई मदद नहीं मिली । दो छोटे बच्चों और पत्नी के साथ पेड़ पर रह रहे जानकी मुंडा ने बताया एक साल पहले हाथियों ने उनका घर तोड़ दिया था। दो माह तक गांव से बाहर रहा लेकिन खेती के लिए वापस गांव आना ही पड़ा। मुखिया फेकला गोंझू के प्रयास से लोहराटोला में एक सोलर लाइट भी लगा है लेकिन फिर भी जंगली हाथी आ ही जाते हैं।

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