तिरंगे में रंगा लाल चौक का घंटाघर, गुलमर्ग में लहराता 100 फीट ऊंचा तिरंगा, बारामुला से उड़ी तक साइकिल रैली के जरिए युवाओं का जोश और श्रीनगर पुलिस के ट्विटर हैंडल की तस्वीर कश्मीर में बदलाव की तस्दीक करती है। सरकारी कार्यालयों से लेकर सभी प्रमुख प्रतिष्ठान प्रदेश में बदलाव का प्रमाण दे रहे हैं। कभी आतंक के गढ़ रहे इलाकों में लोग घरों से बिना किसी डर के निकलते हैं।
जश्न के लिए सज गया जम्मू-कश्मीर: लाल चौक से लेकर पुलिस के ट्विटर तक बदलाव की तस्दीक करती हैं ये तस्वीरें
स्कूलों में इस बार आजादी का जश्न सीमित तौर पर मनाया जाएगा। सभी स्कूलों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। इसमें स्कूल स्टाफ शामिल होगा, जबकि बच्चों को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। अगर बच्चे अपनी मर्जी से आते हैं तो कोरोना नियमों का पालन कर सामाजिक दूरी का ध्यान रखना होगा। हालांकि पहले ध्वजारोहण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही थी। अब इस बारे में सीईओ ने निर्देश जारी कर दिए है। स्कूलों में ध्वजारोहण कार्यक्रम करवाया जाएगा। इसमें स्कूल के सारे स्टाफ को भाग लेना होगा। सीईओ जम्मू सूरज सिंह राठौर ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान कोविड एसओपी का पालन करना होगा।
स्वतंत्रता दिवस के लिए पूरे प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जम्मू शहर में अलर्ट जारी किया गया है। सीमा पर भी सेना और बीएसएफ को अलर्ट कर दिया गया है। अतिरिक्त गश्त के साथ डॉग स्क्वायड को तैनात किया गया है। शहर में जगह-जगह नाके लगाए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की पैनी नजर है। सभी चौकी अफसरों, थानेदारों, डीएसपी को अपने-अपने क्षेत्र में रात को गश्त करने के लिए कहा गया है।
सीमांत इलाकों में सेना और बीएसएफ के साथ मिलकर संयुक्त रूप से चेकिंग की जा रही है। महत्वपूर्ण स्थलों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर एसओजी को तैनात किया गया है।