राजस्थान में RPSC की सेकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक प्रकरण सुर्खियों में है। पेपर लीक को लेकर गहलोत सरकार घिर गई है। अभ्यर्थी सड़क पर उतर गए हैं। वहीं विपक्ष सरकार पर हमलावर है। इन सब के बीच पेपर लीक के मास्टरमाइंड सुरेश ढाका की कई नेताओं के साथ तस्वीरें वायरल हो रही हैं।
RPSC Paper Leak Case: कौन है मास्टरमाइंड सुरेश ढाका, कई नेताओं से संबंध, सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स
RPSC Paper Leak Case-सुरेश ढाका की तगड़ी राजनीतिक पहुंच है। वो कई नेता और मंत्रियों का करीबी है। उसने मंत्रियों के साथ डिनर करते हुए फोटो अपलोड कर कर रखे हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर उसके लाख में फॉलोअर्स हैं।
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मीडिया रिपोर्टस के अनुसार सुरेश ढाका जयपुर में कोचिंग चलाता है। उसने अपने साले सुरेश बिश्नोई के जरिए अभ्यर्थियों तक प्रश्न पत्र पहुंचा दिया था। सुरेश बिश्नोई को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है लेकिन फिलहाल ढाका पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
नेताओं और मंत्रियों के साथ तस्वीर
पेपर लीक के मास्टरमाइंड सुरेश ढाका के केवल राजस्थान के ही नहीं बल्कि देश के कई नेताओं के साथ फोटो वायरल हो रहे हैं। वह फर्जी तरीके से सोशल मीडिया पर फॉलोवर्स बढ़ाकर बेरोजगार युवाओं को अपने चंगुल में फंसाता था।
वायरल फोटो से पता चल रहा है कि सुरेश ढाका की तगड़ी राजनीतिक पहुंच है। वो कई नेता और मंत्रियों का करीबी है। उसने मंत्रियों के साथ डिनर करते हुए फोटो अपलोड कर कर रखे हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर उसके लाख में फॉलोअर्स हैं।
पेपर लीक गिरोह का मास्टरमाइंड सुरेश ढाका जालोर के सांचौर से 20 किलोमीटर दूर स्थित अचलपुर गांव का रहने वाला है। उसके पिता सरपंच हैं। सुरेश का आपराधिक रिकॉर्ड रह चुका है। वह मनी लॉड्रिंग और दूसरी बार पेपर लीक केस में जेल की हवा खा चुका है। यह भी बात सामने आई है कि वह कई मंत्रियों के ट्विटर और फेसबुक पेज हैंडल करता है।
वेरीफाइड है सोशल मीडिया अकाउंट
चौंकाने वाली बात है कि सुरेश ढाका के सारे सोशल मीडिया अकाउंट वेरीफाइड है। उसकी सोशल मीडिया प्रोफाइल देखकर लगता है कि वह लग्जरी लाइफ जीने का शौकीन है। उसकी फोटो में महंगी घड़ी, ब्रांडेड शूज, कपड़े, कार और लैपटॉप तक की फोटो दिख रही हैं। फिलहाल, सुरेश ढाका अंडरग्राउंड है लेकिन उसके गिरफ्त में आने से कई राज खुल सकते हैं। क्या इस पेपर लीक में कोई नेताओं का हाथ है। क्या उसे राजनीतिक संरक्षण है।
तीन दिन पहले ही नकल गिरोह के पास पहुंच गया था पेपर
अब तक की पुलिस जांच में सामने आया कि पेपर लीक का प्लान आरोपियों ने 15 दिन पहले ही बना लिया था। जीके का पेपर तीन दिन पहले ही नकल गिरोह के पास पहुंच गया था। नकल कराने के लिए 1 लाख रुपये में बस किराए पर ली गई थी। इस पूरे पेपर लीक में सुरेश ढाका, सुरेश बिश्नोई और भूपेंद्र सारण पेपर का नाम सामने आया। प्रश्न पत्र जयपुर से जालोर पहुंचा था। पेपर लीक गिरोह के सदस्य बस में पेपर सॉल्व कराते हुए अभ्यर्थियों को उदयपुर लेकर गए थे। तभी नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और पेपर लीक का भंडाफोड़ हुआ।
आरोपियों पर NASA और PASA के तहत होगी कार्रवाई
पुलिस ने पेपर लीक के मास्टरमाइंड सुरेश बिश्नोई सहित 46 लोगों को पकड़ा था। आरोपियों ने 10-10 लाख में पेपर बेचा था। आरपीएससी ने कार्रवाई करते हुए सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा से हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया है। वहीं पुलिस ने आरोपियों पर NASA और PASA Act लगाने की बात कही है।