सरकारी अस्पतालों के हाल जस के तस हैं, जहां हृदयविदारक दृश्य आसानी से देखने को मिल जाते हैं। एेसी ही एक बानगी आज फिर से एक बहुत बड़े सरकारी अस्पताल में देखने को मिली है। ये मामला राजस्थान के कोटा के सरकारी अस्पताल का है।
इस अस्पताल में हुई संवेदनहीनता
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mbs hospital kota
- फोटो : Amar Ujala
कोटा का एमबीएस अस्पताल अव्यवस्थाओं के चलते हमेशा सुर्खियों में रहता है, वहीं आज अस्पताल प्रशासन और डाॅक्टर्स की संवेदनहीनता देखने को मिली है। अस्पताल के बाहर एक लावारिस बुजुर्ग महिला करीब दो घंटे तक दर्द से कहराती रही, लेकिन उसे देखने कोई आगे नहीं आया।
छोड़ गई थी एम्बुलेंस
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- फोटो : Amar Ujala
दरअसल इस बुजुर्ग महिला को 108 एम्बुलैंस रेलवे स्टेशन के बाहर से लेकर आई थी। बुजुर्ग महिला को पहले डाॅक्टर्स ने देखा और इलाज लिखकर भर्ती करने की बजाय उसे अस्पताल से बाहर इसलिए कर दिया कि वह लावारिस थी।
'भर्ती तो कर लेंगे पर संभालेगा कौन'
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- फोटो : Amar Ujala
बुजुर्ग महिला के साथ कोई नहीं था, उसे भर्ती किया जाना था लेकिन अस्पताल प्रशासन ने ये कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि हम भर्ती तो कर लेंगे मगर उसे संभालेगा कौन, इस कारण उसे भर्ती नहीं करके अस्पताल के गेट के बाहर स्ट्रेचर पर छोड़ दिया गया।
मीडिया को देखा तो कर लिया भर्ती
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- फोटो : Amar Ujala
अपना नाम और पता ठीक से नहीं बता पा रही इस बुजुर्ग महिला के शरीर में कई महीनों से पुराना गंभीर फैक्चर था, और वह लगातार दर्द के कारण तड़प रही थी। अस्पताल में रहने वाले कुछ समाजसेवियों ने जरूर थोड़ी मदद की, लेकिन फिर भी अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद जब मीडिया के कैमरों में महिला की पीड़ा कैद होने लगी तो जिम्मेदार तुरंत कुर्सी छोड़कर बाहर आए और महिला के शरीर पर प्लास्टर बांधकर उसे भर्ती किया गया।