फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

शिवजी का ऐसा चमत्कारी मंदिर, जहां होती है पाप मुक्ति वो भी सर्टिफिकेट के साथ

Sat, 10 Feb 2018 12:44 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sat, 10 Feb 2018 12:44 PM IST
विज्ञापन
maha shivratri- CERTIFICATE of forgiveness in a shiv temple
गौतमेश्वर महादेव - फोटो : अमर उजाला
भगवान शिव के मंदिर और उनके चमत्कारों को लेकर कई बातें चलन में हैं। कहीं भोलेनाथ को भांग चढ़ाई जाती है तो कहीं झाडू। कहीं पहाड़ों पर शिव विराजित हैं तो कहीं शिवलिंग का आकार चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बीच हम ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां डुबकी लगाने के बाद पाप मुक्ति हो जाती है, वो भी सर्टिफिकेट के साथ।

ऐसी अनोखी है यहां की मान्यता

maha shivratri- CERTIFICATE of forgiveness in a shiv temple
सर्टिफिकेट बनाते हुए - फोटो : फाइल फोटो
यह शिव मंदिर राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले स्थित है। पाप मोचन तीर्थस्थल के रूप में फेमस गौतमेश्वर महादेव के बारे में मान्यता है कि यहां दर्शन से भक्तों को पाप मुक्ति मिलती है और भी सर्टिफाइड तरीके से।

प्रमाण पत्र के लिए इतने लगते हैं पैसे

maha shivratri- CERTIFICATE of forgiveness in a shiv temple
प्रमाण पत्र - फोटो : फाइल फोटो
इस मंदिर में एक कुंड है, जिसे मंदाकिनी कुंड के नाम से जाना जाता है। इस कुंड में डुबकी लगाने वालों को पाप-मुक्त होने का सर्टिफिकेट दिया जाता है। इसके बदले में श्रद्धालुओं को 11 रुपए देने होते हैं। इसमें एक रुपया सर्टिफिकेट के लिए और बाकी 10 रुपए दोष निवारण के लिए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रखा जाता है पूरा रिकॉर्ड

maha shivratri- CERTIFICATE of forgiveness in a shiv temple
मंदिर - फोटो : फाइल फोटो
गौतमेश्वर महादेव से जिन लोगों को पाप मुक्ति सर्टिफिकेट जारी होता है, उनका रिकॉर्ड भी रखा जाता है। बताया जाता है कि यहां पर आजादी के बाद से अब तक जारी किए सर्टिफिकेट का रिकॉर्ड सुरक्षित है।
विज्ञापन

हरिद्वार की तरह है पूजनीय

maha shivratri- CERTIFICATE of forgiveness in a shiv temple
महा शिवरात्रि - फोटो : SOCIAL MEDIA
आदिवासी इलाके में स्थित गौतमेश्वर मंदिर को इस इलाके में हरिद्वार की तरह पूजनीय माना जाता है। यह मंदिर सदियों पुराना है और जनजाति समुदाय के लिए प्रमुख आस्था का केंद्र है। इस मंदिर का नाम गौतम ऋषि के नाम से जुड़ा है। कहा जाता है कि एक जानवर को मारने पर गौतम ऋषि को श्राप मिला था। उन्हें इस कुंड में स्नान के बाद श्राप से मुक्ति मिली थी। सावन में इस मंदिर में शिवलिंग के पूजन का विशेष महत्व माना गया है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed