साल 2019 इतिहास के पन्नों में दर्ज होने की ओर बढ़ रहा है। अब महज कुछ ही दिन बचे हैं जब नए साल का आगाज हो जाएगा और साल 2019 इतिहास के पन्नों में दर्ज होकर रह जाएगा। साल 2019 भाजपा के लिए एक यादगार साल रहेगा। इस साल हुए लोकसभा चुनाव में एक बार फिर मोदी मैजिक चला और पिछली बार से ज्यादा सीटें जीतकर भाजपा फिर सत्ता पर काबिज हुई। 2018 में तीन राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में मिली हार के बाद पीएम मोदी का मनोबल गिरा नहीं और उन्होंने पूरे जोश और उत्साह के साथ लोकसभा चुनाव में धमाकेदार अंदाज में वापसी कर इतिहास रच दिया।
हलांकि इसी साल दो राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को अपेक्षित नतीजे नहीं मिले। देश के दो राज्यों महाराष्ट्र और हरियाणा में इस साल चुनाव हुए। यहां एक बार फिर पिछले साल की तरह मोदी मैजिक को झटका लगा। देश के बड़े राज्यों में से एक महाराष्ट्र में तो भाजपा को सत्ता भी गंवानी पड़ी। वहीं हरियाणा में खट्टर सरकार की वापसी तो हुई लेकिन पूरे दमखम के साथ नहीं। हम आपको बता रहे हैं 2019 में हुए चुनावों में भाजपा को मिली उपलब्धियों और झटकों के बारे में...
2019 में नरेंद्र मोदी का जादू फिर मतदाताओं के सिर चढ़कर बोला। आम चुनाव में भाजपा ने प्रचंड बहुमत हासिल कर सियासी पंडितों को भी चौंका दिया। भाजपा को इस साल 303 सीटों पर जीत मिली जबकि 2014 में उसने 282 सीटें जीती थीं। इसी के साथ नरेंद्र मोदी, जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद तीसरे व पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री बन गए जिन्होंने सत्ता में रहते हुए पूर्ण बहुमत की दोबारा सरकार बनाई। पीएम मोदी ने एक बार फिर वाराणसी से चुनाव लड़ा और चार लाख 79 हजार 505 वोटों से जीते।
इस चुनाव में खास बात ये भी रही कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा और प्रचंड जीत हासिल की। वह गुजरात में गांधीनगर लोकसभा सीट पर साढ़े पांच लाख वोटों से विजयी रहे। इसी सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी लगातार छह बार से चुनाव जीतते आ रहे थे। अमित शाह यहां से जीतकर लोकसभा पहुंचे और फिर गृह मंत्रालय भी संभाला।
10 राज्यों में लहराया भगवा
पीएम मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की अगुवाई में भाजपा गठबंधन ने गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और हरियाणा के साथ-साथ चंडीगढ़ और दमन और दीव में भाजपा ने क्लीन स्वीप किया। इससे पहले 2014 में भाजपा ने पांच राज्यों और दो केंद्रशासित प्रदेशों में क्लीन स्वीप किया था।
अब बात करते हैं 2019 में हुए विधानसभा चुनावों की। इस साल दो राज्यों हरियाणा और महाराष्ट्र में चुनाव के बाद 24 अक्तूबर को जो परिणाम आए वह भाजपा के लिए चौंकाने वाले थे। दोनों राज्यों में पहले भाजपा सरकार थी, इसलिए सियासी पंडितों को इस बार भी इन दोनों राज्यों में मोदी मैजिक के दम पर सत्ता में वापसी की उम्मीद थी। लेकिन यहां पीएम मोदी और भाजपा को झटका लगा...