स्मार्टफोन की दुनिया में आखिर चिट्ठियां कौन भेजता है? ये सवाल आपके भी मन में जरूर उठता होगा। मगर अपने देश में अभी भी ऐसी कई जगह हैं, जहां आज भी चिट्ठी ही अपनों का हालचाल जानने का प्रमुख साधन है। क्या आप यह जानते हैं कि दुनिया का सबसे ऊंचा डाकघर भी अपने देश में ही है। आज अंतरराष्ट्रीय डाक दिवस के मौके पर हम आपको यहां की सैर कराते हैं।
हिमाचल प्रदेश के स्पीति में हिक्किम नाम के गांव में स्थित है दुनिया का सबसे ऊंचा डाकघर। 14567 फीट यानी 4440 मीटर की ऊंचाई पर जहां सांस लेने के लिए भी मेहनत करनी पड़ती है, वहां यह डाकघर 1983 से दूर-दराज के दुर्गम गांवों तक चिट्ठियां पहुंचा रहा है।
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हिक्किम डाकघर
- फोटो : अमर उजाला
हिक्किम के आसपास के गांवों में संचार का एकमात्र साधन चिट्ठियां ही हैं। इस उप डाकघर के जिम्मे हिक्किम के अलावा लांगचा-1, लांगचा-2 और कॉमिक गांवों में चिट्ठियां पहुंचाना है। स्पीति के रास्ते साल में महज कुछ महीनों तक ही खुलते हैं। बर्फ पिघलने के बाद जून से अक्तूबर तक ही यहां आना संभव हो पाता है। बाकी महीनों तो यहां बर्फ जमी रहती है।
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हिक्किम डाकघर
- फोटो : अमर उजाला
इस उप डाकघर में 1983 से रिनचेन नाम के व्यक्ति डाकिए की भूमिका निभाने में लगे हुए हैं। 2016 में उनसे मुलाकात के दौरान चिट्ठियां पहुंचाने में आने वाली दुश्वारियों के बारे में भी बताया था। भारी बर्फ में चिट्ठी पहुंचाने की कोशिश में रिनचेन के लिए घर लौटना ही मुश्किल हो गया था। वापस लौटने में उन्हें पूरा एक दिन लगा था।
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हिक्किम डाकघर
- फोटो : अमर उजाला
आप चाहें तो दुनिया के इस सबसे ऊंचे डाकघर से खुद को भी चिट्ठी भेज सकते हैं। स्पीति के प्रमुख शहर काजा से करीब एक घंटे की दूरी पर है हिक्किम। हालांकि अगर आप पोस्टकार्ड काजा से ही खरीद लें तो बेहतर होगा क्योंकि कई बार यहां पर जरूरी सामान भी नहीं पहुंच पाता है।
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हिक्किम डाकघर
- फोटो : अमर उजाला
हिक्किम गांव सिर्फ डाकघर के लिए ही नहीं बल्कि यहां पाए जाने वाले फोसिल्स यानी जीवाश्म के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां अक्सर आपको पत्थरों पर अंकित कई जीवाश्म मिल सकते हैं। मान्यता है कि जिसे यह जीवाश्म मिलता है, वह भाग्यशाली होता है।