पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटीय इलाकों पर चक्रवाती तूफान 'यास' के तेवर दिखने शुरू हो गए हैं। ओडिशा में जहां तेज हवाओं से कई बड़े पेड़ उखड़ गए वहीं बंगाल में 40 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया है कि इस तूफान के कहर से दो लोगों की जान भी चली गई है।
2 of 5
चक्रवाती तूफान यास का कहर शुरू
- फोटो : पीटीआई
पश्चिम बंगाल में चक्रवात यास के कहर से बचने के लिए 9 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है। बता दें कि इस दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में चक्रवात यास के कंट्रोल सेंटर का दौरा कर तैयारियों का जायजा भी लिया।
3 of 5
चक्रवात यास का कहर
- फोटो : पीटीआई
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि चक्रवात यास के कारण तटीय इलाकों में 2-4 मीटर ऊंची लहरें भी उठ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार यास के भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने के बाद इसकी रफ्तार 155 से 165 किलोमीटर प्रतिघंटा की रहने की संभावना है जो कुछ देर में 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती है।
4 of 5
चक्रवात यास का कहर शुरू
- फोटो : पीटीआई
भारतीय तट रक्षक ने बताया कि रोक के बावजूद मछुआरे अपनी रोजी-रोटी के लिए समुद्र में मजबूरी में चले ही जाते हैं। इन्हें समझाने के लिए हम क्षेत्रीय भाषाओं में ऐलान कर रहे हैं। नौसेना मेडिकल टीम के साथ तैयार है। हमें विश्वास है कि किसी की भी जान नहीं जाएगी।
5 of 5
चक्रवाती तूफान यास का कहर शुरू
- फोटो : पीटीआई
गृह मंत्रालय ने चक्रवात यास से प्रभावित होने वाले सभी राज्यों को आश्वासन दिया है कि मंत्रालय उनकी मदद के लिए 24 घंटे तैयार रहेगा। वहीं एनडीआरएफ की कई टीमें दोनों राज्यों में तैनात की गईं हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यास तूफान बुधवार शाम तक ओडिशा के पारादीप और सागर आइलैंड्स के बीच धरमा पोर्ट पर लैंडफॉल कर सकता है।