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Top 10 Gangster in India: कहानी देश के 10 गैंगेस्टर्स की, एक को मारने के बाद तो पुलिस के सामने ही नाचने लगे थे उसके हत्यारे
Thu, 02 Jun 2022 10:16 AM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Thu, 02 Jun 2022 10:16 AM IST
सार
List of Top Gangsters in India: पंजाबी गायब सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई बराड़ चर्चा में है। लॉरेंस बिश्नोई के साथी गोल्डी बराड़ ने सोशल मीडिया पोस्ट करके हत्या की जिम्मेदारी ली है। दूसरी ओर बिश्नोई के विरोधी गैंगस्टर हैं जिन्होंने इस हत्या का बदला लेने की धमकी दी है।
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गैंगेस्टर्स की कहानी
- फोटो : अमर उजाला
पंजाबी गायब सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और बराड़ चर्चा में है। लॉरेंस बिश्नोई के साथी गोल्डी बराड़ ने सोशल मीडिया पोस्ट करके हत्या की जिम्मेदारी ली है। दूसरी ओर बिश्नोई के विरोधी गैंगस्टर हैं जिन्होंने इस हत्या का बदला लेने की धमकी दी है।
लॉरेंस बिश्नोई
- फोटो : अमर उजाला
1. लॉरेंस बिश्नोई गैंग: सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद चर्चा है। पंजाब के अबोहर में पैदा हुआ लॉरेंस एक पूर्व पुलिस कांस्टेबल का बेटा है। लॉरेंस पर 30 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। वह कई बार पुलिस हिरासत से भाग चुका है। पहले वो जोधपुर और भरतपुर की जेल में बंद था। लेकिन अब दिल्ली की तिहाड़ जेल में। पिछले सात साल से लॉरेंस जेल में है। कहा जाता है कि जेल में रहने के बावजूद वह आसानी से अपना गैंग चला रहा है। अभी उसके गैंग में 500 से ज्यादा अपराधी शामिल हैं।
जेल के बाहर उसका काम गोल्डी बराड़ संभालता है। गोल्डी बराड़ ने पंजाब और पंजाब के बाहर कई कत्ल करवाए हैं। जब पुलिस उसके पीछे पड़ी, तो वो भाग कर कनाडा चला गया। हालांकि, वह लॉरेंस के संपर्क में हमेशा रहा। कहा जाता है कि 2015 में जब लॉरेंस पकड़ा गया और जेल गया, तब से ही जेल के बाहर का सारा काम गोल्डी बराड़ को सौंप दिया। कनाडा में बैठा गोल्डी बराड़ इस समय लॉरेंस बिश्नोई का सबसे भरोसेमंद और मजबूत हाथ है।
जेल के बाहर उसका काम गोल्डी बराड़ संभालता है। गोल्डी बराड़ ने पंजाब और पंजाब के बाहर कई कत्ल करवाए हैं। जब पुलिस उसके पीछे पड़ी, तो वो भाग कर कनाडा चला गया। हालांकि, वह लॉरेंस के संपर्क में हमेशा रहा। कहा जाता है कि 2015 में जब लॉरेंस पकड़ा गया और जेल गया, तब से ही जेल के बाहर का सारा काम गोल्डी बराड़ को सौंप दिया। कनाडा में बैठा गोल्डी बराड़ इस समय लॉरेंस बिश्नोई का सबसे भरोसेमंद और मजबूत हाथ है।
सुक्खा काहलवां
- फोटो : अमर उजाला
2. सुक्खा काहलवां गैंग: एक समय कुख्यात गैंगस्टर सुक्खा काहलवां का खौफ पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के साथ ही पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ था। साल 2000 से 2015 तक इस गैंगस्टर का नाम 60 से ज्यादा अपराधिक वारदातों में आया। इसमें हत्या, डकैती, गैंगवार समेत कई गंभीर मामले थे। उसका निशाना अचूक था इसी वजह से उसकी पहचान एक शार्पशूटर की भी थी। 17 साल की उम्र में उस पर हत्या का पहला मुकदमा दर्ज हुआ।
20 जनवरी 2015 को विक्की गोंडर गैंग के सदस्यों ने सुक्खा काहलवां की पुलिस हिरासत में ही गोली मारकर हत्या कर दी। उसकी हत्या के बाद उसके हत्यारे पुलिस के सामने ही नाचने लगे थे। जब सुक्खा मारा गया तब उसकी उम्र महज 28 साल थी। कहा जाता है कि बॉलीवुड की एक फिल्म ‘शूटर’ सुक्खा काहलवां की जिंदगी पर ही आधारित थी। कहा जाता है कि सुक्खा का गैंग आज भी एक्टिव है। सोशल मीडिया पर अब भी कई पेज उसके नाम पर हैं। इस गैंग के कई एक्टिव सदस्यों की पंजाब पुलिस को तलाश है।
20 जनवरी 2015 को विक्की गोंडर गैंग के सदस्यों ने सुक्खा काहलवां की पुलिस हिरासत में ही गोली मारकर हत्या कर दी। उसकी हत्या के बाद उसके हत्यारे पुलिस के सामने ही नाचने लगे थे। जब सुक्खा मारा गया तब उसकी उम्र महज 28 साल थी। कहा जाता है कि बॉलीवुड की एक फिल्म ‘शूटर’ सुक्खा काहलवां की जिंदगी पर ही आधारित थी। कहा जाता है कि सुक्खा का गैंग आज भी एक्टिव है। सोशल मीडिया पर अब भी कई पेज उसके नाम पर हैं। इस गैंग के कई एक्टिव सदस्यों की पंजाब पुलिस को तलाश है।
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देवेंदर बंबीहा
- फोटो : अमर उजाला
3. देवेंदर बंबीहा गैंग : एक समय था, जब देवेंदर बंबीहा गैंग के नाम से दूसरे गैंगस्टर तक कांपा करते थे। 2016 में पुलिस एनकाउंटर में बंबीहा मारा गया। लेकिन इसका गैंग आज भी एक्टिव है। लॉरेन्स बिश्नोई के करीबी दावा करते हैं कि सिद्धू मूसेवाला की देवेंदर बंबीहा गैंग से नजदीकियां थीं। मूसेवाला ने अपने एक एल्बम का नाम भी बंबीहा रखा था। मूसेवाला की हत्या के बाद से बंबीहा गैंग भी सक्रिय हो गया है। गैंग ने मूसेवाला की हत्या का बदला लेने का एलान कर दिया है।
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बदन सिंह बद्दो
- फोटो : अमर उजाला
4.बदन सिंह बद्दो: पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात गैंगेस्टर बदन सिंह बद्दो पर यूपी पुलिस ने ढ़ाई लाख और दिल्ली पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम रखा है। बदन सिंह बद्दो के पिता चरण सिंह 1970 के दशक में जालंधर छोड़कर यूपी के मेरठ में रहने आ गए थे। बद्दो के पिता ने परिवार का जीवनयापन के लिए ट्रक ड्राइवर का काम शुरू किया था। फिर धीरे-धीरे वह खुद एक ट्रांसपोर्टर बन गए। वहीं, सात भाइयों में सबसे छोटे बदन सिंह बद्दो ने भी ट्रांसपोर्ट के कारोबार में कदम रखा। इसी दौरान उसके संबंध इलाके के बदमाशों से हो गए। बताया जाता है कि उसने 1988 में अपराध की दुनिया में कदम रखा।
कुख्यात बदन सिंब बद्दो ने 1996 में एक वकील की हत्या की। इस मामले में कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बद्दो के खिलाफ यूपी समेत कई राज्यों में लूट, डकैती और हत्या के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था। 29 मार्च 2019 को उसे गाजियाबाद पेशी पर लाया गया था। वापसी के दौरान मेरठ में उसने पुलिसकर्मियों को रुपये और पार्टी का लाचल दिया। इसके बाद वह एक होटल गए, जहां पुलिसकर्मियों को उसने शराब पिलाई और फरार हो गया। तब से यूपी पुलिस उसकी तलाश कर रही है। बदन सिंह आज भी आसानी से अपना गैंग चला रहा है।
कुख्यात बदन सिंब बद्दो ने 1996 में एक वकील की हत्या की। इस मामले में कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बद्दो के खिलाफ यूपी समेत कई राज्यों में लूट, डकैती और हत्या के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था। 29 मार्च 2019 को उसे गाजियाबाद पेशी पर लाया गया था। वापसी के दौरान मेरठ में उसने पुलिसकर्मियों को रुपये और पार्टी का लाचल दिया। इसके बाद वह एक होटल गए, जहां पुलिसकर्मियों को उसने शराब पिलाई और फरार हो गया। तब से यूपी पुलिस उसकी तलाश कर रही है। बदन सिंह आज भी आसानी से अपना गैंग चला रहा है।