{"_id":"59197b2a4f1c1b773cf22986","slug":"this-is-10-failures-of-modi-government","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"ये है मोदी सरकार की 10 विफलताएं","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
ये है मोदी सरकार की 10 विफलताएं
amarujala.com- Presented by: आनंद
Updated Mon, 15 May 2017 03:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
26 तारीख को मोदी सरकार को सत्ता में आये तीन साल पुरे होने वाले हैं। 26 मई 2014 को भारत की जनता ने एक नये बदलाव को देखते हुए बीजेपी को केंद्र की सत्ता सौंपी थी और नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुना था।
बेरोजगारी
प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में नौजावनों को रोजगार दिलाने के लिए कई चुनावी वादे किये थे। मगर इन दिनों भारत में बेरोजगारी का स्तर ये हो गया है कि लोगों को नौकरी तक से निकाला जा रहा है। इस समय टेलीकॉम, आईटी और बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं में नौकरियों की छटनी जारी है।
अर्थव्यवस्था के आठ प्रमुख गैर-कृषि क्षेत्रों में सिर्फ 2.3 लाख नौकरियां जुड़ी गईं। इस आठ सेक्टर में विनिर्माण, निर्माण, व्यापार, परिवहन, आवास और रेस्तरां, आईटी / बीपीओ, शिक्षा और स्वास्थ्य शामिल हैं। साथ ही इन सभी सेक्टर में 2 करोड़ लोग काम करते है।
संयुक्त राष्ट्र संघ ( यूएन ) के इटरनेशनल लेबर आफर्गेनाइजेशन के रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल की तुलना में 2017-18 में बेरोजगारी ज्यादा होगी। रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल जो बेरोजगारों की संख्या 1.77 करोड थी वो इस साल 1.78 करोड़ तक जा सकती है।
अर्थव्यवस्था के आठ प्रमुख गैर-कृषि क्षेत्रों में सिर्फ 2.3 लाख नौकरियां जुड़ी गईं। इस आठ सेक्टर में विनिर्माण, निर्माण, व्यापार, परिवहन, आवास और रेस्तरां, आईटी / बीपीओ, शिक्षा और स्वास्थ्य शामिल हैं। साथ ही इन सभी सेक्टर में 2 करोड़ लोग काम करते है।
संयुक्त राष्ट्र संघ ( यूएन ) के इटरनेशनल लेबर आफर्गेनाइजेशन के रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल की तुलना में 2017-18 में बेरोजगारी ज्यादा होगी। रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल जो बेरोजगारों की संख्या 1.77 करोड थी वो इस साल 1.78 करोड़ तक जा सकती है।
भूमि अधिग्रहण बिल
मोदी सरकार ने भारत में विदेशी निवेश को बढ़ाने के लिए यूपीए सराकार के भूमि अधिग्रहण बिल में कुछ बदलाव करना चाहे। नये भूमि बिल को पारित करवाने के लिए मोदी सरकार कई बार अध्यदेश भी पारित किये। मोदी सरकार किसानों के विकास का दावा करती है।
मगर यूपीए के भूमि अधिग्रहण बिल से 'किसानों की सहमति' और 'सामाजिक प्रभाव के आंकलन' की अनिवार्यता को मोदी सरकार ने अपने नये बिल से हटा दिया था। वहीं विपक्ष के कडे विरोध के बाद सरकार को बिल में कुछ बदलाव को वापस लेना पड़ा, लेकिन अभी भी कुछ ऐसे बदलाव है जो अंतरिक रूप से बिजनेसमैनस को फायदा पहुंचाते है।
मगर यूपीए के भूमि अधिग्रहण बिल से 'किसानों की सहमति' और 'सामाजिक प्रभाव के आंकलन' की अनिवार्यता को मोदी सरकार ने अपने नये बिल से हटा दिया था। वहीं विपक्ष के कडे विरोध के बाद सरकार को बिल में कुछ बदलाव को वापस लेना पड़ा, लेकिन अभी भी कुछ ऐसे बदलाव है जो अंतरिक रूप से बिजनेसमैनस को फायदा पहुंचाते है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कालाधन
2014 के चुनावी प्रचार में बीजेपी के हर नेता ने और पीएम मोदी ने 100 दिनों के अंदर विदेशों में जमा कालेधन को वापास लाने और प्रत्येक भारतीय के बैंक अकाउंट में 15 से 20 लाख रुपये जमा कराने का वायदा किया था।
मगर तीन साल बाद भी कालेधन का मुद्दा महज मुद्दा भर बनकर रह गया है। हालांकि भारत सरकार और स्विस बैंक के बीच कालेधन को लेकर कुछ समझौते भी हुए। मगर परिणाम न बराबर ही देखने को मिला।
मगर तीन साल बाद भी कालेधन का मुद्दा महज मुद्दा भर बनकर रह गया है। हालांकि भारत सरकार और स्विस बैंक के बीच कालेधन को लेकर कुछ समझौते भी हुए। मगर परिणाम न बराबर ही देखने को मिला।
विज्ञापन
सीजफायर का उल्लंघन
यूपीए के समय बीजेपी ने हर दिन पाकिस्तान के द्वारा हो रहे सीजफायर के उल्लंघन का मुद्दा उठाया। साथ ही यूपीए सरकार से कठोर कदम उठाने की मांग करते रहे। मगर जिस बीजेपी की सरकार ने पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब देने का फैसला किया था। आज वही सरकार हर रोज सीजफायर के उल्लंघन को लेकर चुप बैठी रहती है।
मोदी सरकार ने खुद पिछले महीने इस बात को माना कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने पिछले एक साल में 268 बार सीजफायर का उल्लंघन किया है। 2016-17 में सबसे ज्यादा सीजफायर का उल्लघंन किया गया। पाकिस्तान द्वारा अब तक सीजफायर उल्लंघन 300 के करीब में पहुंच गया है।
मोदी सरकार ने खुद पिछले महीने इस बात को माना कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने पिछले एक साल में 268 बार सीजफायर का उल्लंघन किया है। 2016-17 में सबसे ज्यादा सीजफायर का उल्लघंन किया गया। पाकिस्तान द्वारा अब तक सीजफायर उल्लंघन 300 के करीब में पहुंच गया है।