लोकसभा चुनाव 2019 का महासंग्राम, इस बार चुनाव मैदान में नहीं दिखेंगे ये दिग्गज नेता
उमा भारती
झांसी से भाजपा सांसद उम्मीदवार इस बार चुनाव नहीं लड़ने का एलान कर चुकी हैं। कई मौकों पर उन्होंने इसका खुला एलान किया है। हाल ही में उन्होंने ट्वीट किया- 'जैसा कि मैंने पहले भी घोषित किया था, उसी को दोहराते हुए अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी को पत्र लिखकर चुनाव ना लड़ने का अनुरोध किया है कि ताकि पार्टी आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा कर दे।'
उमा भारती ने अपना पहला चुनाव 1984 में लड़ा था। 1989 में खजुराहो से चुनाव जीता और इसके बाद 1991, 1996 और 1998 में लगातार यहां से जीत हासिल की। 1999 में उन्होंने सीट बदली और भोपाल से चुनाव जीता। 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार में उन्हें अहम जिम्मेदारी मिली और वह जल संसाधन मंत्री बनीं।
सुषमा स्वराज
2019 लोकसभा चुनाव में कद्दावर नेता सुषमा स्वराज भी नजर नहीं आएंगी। फिलहाल वह विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इंदिरा गांधी के बाद विदेश मंत्रालय संभालने वाली वह दूसरी महिला नेता हैं। सुषमा स्वराज मध्य प्रदेश के विदिशा से लोकसभा सांसद हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से चुनाव नहीं लड़ने का एलान किया है। वह सात बार सांसद रह चुकी हैं। 1977 में 25 साल की उम्र में वह हरियाणा कैबिनेट में मंत्री बन गई थीं। 2014 लोकसभा चुनाव में उन्होंने विदिशा से जीत हासिल की और विदेश मंत्रालय का पदभार संभाला।
रामविलास पासवान
रामविलास पासवान भी 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। वह राज्यसभा के जरिए संसद पहुंचेंगे। पासवान फिलहाल केंद्र में उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं। लोक जनशक्ति पार्टी के सुप्रीमो पासवान अलग अलग चुनाव में अलग अलग पार्टियों से गठजोड़ करते रहे हैं। उनके अनुभव और फैसले के चलते उन्हें राजनीति का मौसम विज्ञानी भी कहा जाता है। वह आठ बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। उन्होंने अपना सियासी करियर संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य के रूप में शुरू किया था और 1969 में बिहार विधानसभा के लिए चुने गए थे। 1977 में वह हाजीपुर से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे। साल 2000 में पासवान ने लोक जनशक्ति पार्टी बनाई। 2004 में यूपीए सरकार में शामिल हुए और मंत्री बने। 2009 में चुनाव हार गए। 2014 में हाजीपुर से फिर जीते और एनडीए में शामिल होकर मंत्री बने।
शरद पवार
ये दिग्गज नेता वर्षों से राजनीति में सक्रिय है। इस बार शरद पवार ने चुनाव नहीं लड़ने का एलान किया है। कुछ दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि उनके दो करीबी चुनाव मैदान में उतर रहे हैं, ऐसे में वह चुनाव नहीं लडे़ंगे। पुराने कांग्रेसी रहे शरद पवार ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल की महिला होने के मुद्दे पर अपनी नई पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का गठन किया था। महाराष्ट्र में उनका खासा जनाधार है। वह तीन बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पुणे जिले के बारामती के रहने वाले पवार फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं। पहली बार 1967 में उन्होंने बारामती से विधानसभा चुनाव जीता। 1984 में यहां से जीतकर लोकसभा पहुंचे। फिलहाल उनकी बेटी सुप्रिया सुले यहां से सांसद हैं।