मंगलवार की रात सुपर पिंक मून (पिंक मून) ने आसमान की खूबसूरती में 'चार चांद' लगा दिए। कारखानों और जहरीला धुंआ उगलने वाली चिमनियों के बंद पड़े रहने की वजह से साफ आसमान में चांद की खूबसूरती अलग ही नजर आई।
2 of 5
सुपर पिंक मून की मल्टीएक्सपोजर तस्वीर
- फोटो : रवि बत्रा
यह इस साल का सबसे बड़ा सुपर मून था। यानी इस साल चन्द्रमा इससे ज्यादा धरती के करीब नहीं आएगा। बुधवार सुबह 8:05 बजे चांद धरती के सबसे रहा, तब धरती से इसकी दूरी 3,57,085 किमी रह गई।
3 of 5
सुपर पिंक मून की मल्टीएक्सपोजर तस्वीर
- फोटो : रवि बत्रा
मंगलवार की शाम 5:58 बजे लालिमा लिए हुए चंद्रमा का उदय हुआ। बुधवार सुबह 8:05 बजे चांद धरती के सबसे करीब रहा। अब अगला पिंक मून 26 अप्रैल 2021 को नजर आएगा। वहीं, इस साल का अगला सुपरमून सात मई को नजर आएगा।
4 of 5
सुपर पिंक मून की मल्टीएक्सपोजर तस्वीर
- फोटो : रवि बत्रा
सुपरमून पर चंद्रमा इसलिए ज्यादा चमकदार दिखाई देता है क्योंकि, पूर्णिमा पर चांद और धरती के बीच की दूरी कम हो जाती है। सुपर पिंक मून के दौरान चंद्रमा सामान्य से 14 फीसदी बड़ा और 30 फीसदी ज्यादा चमकदार दिखता दिखता है।
5 of 5
सुपर पिंक मून की मल्टीएक्सपोजर तस्वीर
- फोटो : रवि बत्रा
इसके सुपर पिंक मून कहलाने के पीछे की वजह वजह अमेरिका और कनाडा में खिलने वाला एक फूल खास फूल 'फ्लॉक्स सुबुलता' या 'मॉस पिंक' है। चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को जब सुपरमून नजर आता है उन दिनों ये फूल भी खिले होते हैं। इसी वजह से इसे सुपर पिंक मून कहा जाने लगा।