बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा सभी याचिकाओं को खारिज करने के बाद आरे कॉलोनी में पेड़ काटने का सिलसिला शुरू हो गया है। पेड़ काटे जाने का विरोध बॉलिवुड हस्तियों से लेकर आम लोग तक कर रहे हैं। जैसे ही पेड़ काटने का काम शुरू हुआ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुंबई पुलिस ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी। पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरे में जहां पेड़ों को काटा जा रहा है उसी के पास हजारों पेड़ लगाकर घना जंगल बनाने में एक परिवार का बहुत बड़ा योगदान है।
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संदीप अठले
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गोरेगांव (पूर्व) के रहने वाले पांच लोगों के एक परिवार ने आरे कॉलोनी के पास लगभग 6000 पौधों को लगाया और पेड़ बनने तक उनकी देखभाल की। 19 साल से ये परिवार मानसून के दौरान आरे कॉलोनी के पास पौधे लगा रहा है और उनके पूर्ण विकसित होने तक देखभाल करता आ रहा है।
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संदीप अठले परिवार ने लगाए 6000 पौधे
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37 वर्षीय संदीप अठले, उनकी पत्नी वरदायिनी, उनका चार साल का बेटा मल्हार, मां आरती और पिता विनय अभी तक आरे में 6000 पौधे लगा चुके हैं। 2015 में संदीप अठले के पिता की मौत हो गई थी। पिछले साल संदीप अठले ने आरे के पास एक तितली उद्यान शुरू किया था। ये जंगल पहले से 15-20 प्रजातियों की तितलियों से गुलजार है। शोधकर्ताओं के अनुसार आरे में तितलियों की 86 प्रजातियां हैं।
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संदीप अठले परिवार ने लगाए 6000 पौधे
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अमर उजाला से बातचीत करते हुए संदीप अठले ने बताया कि आरे में जहां पेड़ काटे जा रहे हैं, वो उस जगह से करीब एक-सवा किलोमीटर दूर है, जहां हमने पेड़ लगाए हैं। मगर चिंता की बात यह है कि सरकार के लिए प्राथमिकता विकास है, पर्यावरण नहीं। एक पौधे को सिर्फ पानी ही नहीं मेहनत देकर सींचा जाता है और अब उस पर अचानक से आरी चलाई जा रही है।
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संदीप अठले
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आरे कॉलोनी को हरा-भरा बनाने का जिम्मा संदीप के पिता विनय अठले ने लिया था। वह बताते हैं कि पापा ने 2000 में यहां पेड़ लगाने की शुरुआत की थी। उस समय हम यहां से दूर रहते थे, लेकिन रिटायरमेंट के बाद पापा ने हर हफ्ते यहां आना शुरू कर दिया था। उन्होंने न सिर्फ पौधे लगाए, बल्कि उनका ख्याल भी बिल्कुल अपने परिवार के सदस्यों की तरह रखा।