राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि त्वरित न्याय के लिए मुकदमों का शीघ्र निस्तारण जरूरी है। आपराधिक मुकदमों में ट्रायल दिन प्रति दिन के आधार पर हो। मुकदमों में अनावश्यक तरीखें न लगें और अंडर ट्रायल बंदियों को सीआरपीसी के प्रावधानों के तहत रिलीज किया जाए।
हाईकोर्ट इलाहाबाद की स्थापना के 150 वें वर्ष पर भव्य समारोह
2 of 16
इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150 साल पूरे होने पर आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
देश की जनता को न्यायपालिका पर अटूट भरोसा है। समाज का कोई भी तबका आर्थिक या सामाजिक आधार पर न्याय से वंचित नह रहे। वैकिल्पक न्यायप्रणाली का विकास और प्रचार प्रसार पर भी जरूरी है।
हाईकोर्ट इलाहाबाद की स्थापना के 150 वें वर्ष पर भव्य समारोह
3 of 16
इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150 साल पूरे होने पर आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
न्यायालयों के मूलभूत ढांचे का विकास जरूरी है। देश भर में नए न्यायालय भवन बनाए जा रहे हैं। न्यायालयों को कंप्यूटरीकरण और ई-कोर्ट प्रोजेक्ट से जोड़ा जा रहा है।
हाईकोर्ट इलाहाबाद की स्थापना के 150 वें वर्ष पर भव्य समारोह
4 of 16
इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150 साल पूरे होने पर आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट इलाहाबाद की स्थापना के 150 वें वर्ष पर आयोजित समारोह में राष्ट्रपति ने न्यायप्रक्रिया को सरल बनाने पर भी जोर दिया। कहा, सरकार स्वयं वादकारी है, इसलिए उसे भी अपने मुकदमों में कमी लानी चाहिए।
हाईकोर्ट इलाहाबाद की स्थापना के 150 वें वर्ष पर भव्य समारोह
5 of 16
इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150 साल पूरे होने पर आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
मुकदमों के शीघ्र निस्तारण के लिए बार और बेंच का सहयोग जरूरी है। दोनों को साथ मिलकर काम करना चाहिए। लंबित मुकदमों में कमी लाने को जजों के रिक्त पदों को भरा जाना जरूरी है।