यूपी विधानसभा में जहां काम बोलता है का नारा प्रचार के वक्त इस्तेमाल हुआ, वहीं कुछ प्रत्याशी इस चुनाव में ऐसे हैं जिनका नाम बोलता है। जानिए ऐसे ही यूपी विधानसभा के 12 बाहुबलियों के बारे में।
1- इनमें सबसे पहले बाहुबली हैं रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया।
यूपी चुनाव के ये बाहुबली क्या बन पाएंगे 'महासंग्राम' के महाबली?
यूपी के बड़े बाहुबलियों में शामिल मुख्तार अंसारी पर हत्या, अपहरण, लूट समेत दर्जनों अपराध के मामले दर्ज हैं। अंसारी आगरा जेल में कैद हैं। जेल में रहकर चुनाव लड़ते और जीतते आ रहे हैं। ये इसबार यूपी की मऊ सदर सीट से बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार हैं। इनकी कुल संपत्ति 21.88 करोड़ बताई जाती है।
यूपी चुनाव के ये बाहुबली क्या बन पाएंगे 'महासंग्राम' के महाबली?
अजय राय कांग्रेस के टिकट पर यूपी विधानसभा चुनाव मैदान में हैं। इनपर अपने भाई अवधेश सिंह की हत्या के बाद बाहुबली और माफिया का ठप्पा लग गया। वाराणसी की पिंडरा सीट से चुनाव लड़ रहे राय का मुकाबाल बीजेपी के अवधेश सिंह और बीएसपी के बाबूलाल से है।
यूपी चुनाव के ये बाहुबली क्या बन पाएंगे 'महासंग्राम' के महाबली?
धनंजय सिंह का नाम भी यूपी के बड़े बाहुबलियों में शुमार है। ये निर्बल इन्डियन शोषित हमारा आम दल के टिकट पर मल्हनी, जौनपुर से ताल ठोक रहे हैं। इन पर हाईस्कूल में अपने टीचर की हत्या और 2013 में नौकरानी की हत्या का आरोप है। धनंजय सिंह के खिलाफ तीन केस दर्ज हैं। इस सीट पर इनका मुकाबला बीजेपी के सतीश कुमार , एसपी के पारस नाथ यादव और बीएसपी के विवेक यादव से है।
यूपी चुनाव के ये बाहुबली क्या बन पाएंगे 'महासंग्राम' के महाबली?
सिबगतुल्ला अंसारी बाहुबली मुख्तार अंसारी के भाई हैं। ये बीएसपी के टिकट पर मोहम्मदाबाद, गाजीपुर से चुनाव लड़ रहे हैं। सिबगतुल्ला के बड़े भाई अफजाल इस सीट पर पांच बार विधायक रह चुके हैं। 2002 में बीजेपी के कृष्णानन्द राय ने उनसे ये सीट छीनी, अब कृष्णानंद की पत्नी से सिबगतुल्ला का मुकाबला है।