नारों की गूंज, प्रचार में फैला जनसैलाब, और गलियों में राजनीतिक बैनर और पोस्टर गवाह हैं 2017 विधानसभा चुनावों प्रचार के, लेकिन अब वक्त परिणाम का है। धड़कने तेज हैं और रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। जहां इन चुनावों में हार-जीत से राजनीतिक पार्टियों की सत्ता तय होगी वहीं दूसरी ओर कुछ दिग्गजों की राजनीतिक प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। रानियों ने महल और राजशी वेशभूषा छोड़कर राजनीतिक चोला ओढ़ा और गलियों की सैर की। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के गली-मुहल्लों में चुनावी हुजूम ने चुनावी फिजां को रंगीन कर दिया। जानिए 5 राज्यों के उन 50 चेहरों के बारे में जिनके पास चुनौती पार्टी की सत्ता को बचाने की तो है ही, इसके साथ ही व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को बचाने पर भी दांव लगा है।
यूपी के इन खास चेहरों के सामने है बड़ी राजनीतिक चुनौती
शिवपाल सिंह यादव
यूपी विधानसभा चुनावों से पहले सपा कुनबे की रार के बाद शिवपाल सिंह के पास कुछ बचा है तो वो है व्यक्तिगत साख्ा जो मौजूदा चुनाव में दांव पर लगी है। ऐसे में शिवपाल की सबसे बड़ी चुनौती उनकी खुद की सीट और उस साख को बचाना है। शिवपाल जसवंतनगर विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर पांचवी बार चुनाव लड़ रहे हैं।
यूपी के इन खास चेहरों के सामने है बड़ी राजनीतिक चुनौती
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रीता बहुगुणा जोशी
- फोटो : amar ujala
रीता बहुगुणा जोशी
कांग्रेस को अलविदा कह भाजपा का दामन थामने वाली दिग्गज नेता रीता बहुगुणा जोशी लखनऊ कैंट से चुनाव मैदान में हैं। वो इस सीट पर निवर्तमान विधायक भी हैं। ऐसे में इस सीट को बचाना उनकी प्रतिष्ठा की वजह बन गया है। हालांकि इस सीट का इतिहास हमेशा बीजेपी के पक्ष में ही रहा है। 2012 के चुनाव में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने इस सीट पर बीजेपी प्रत्याशी को हराकर ही जीत हासिल की थी। ऐसे में खुद के राजनीतिक तिलिस्म को बचाना रीता बहुगुणा जोशी के लिए सबसे अहम है।
यूपी के इन खास चेहरों के सामने है बड़ी राजनीतिक चुनौती
अपर्णा यादव
हाईप्रोफाइल चेहरों में समाजवादी पार्टी का सबसे ज्यादा चर्चित चेहरा हैं अपर्णा यादव। 26 साल की अपर्णा मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधु हैं और पार्टी की प्रतिष्ठित सीट लखनऊ कैंट से चुनाव मैदान में हैं। अपर्णा यादव बीजेपी की दिग्गज नेता रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं। अपर्णा ने अन्तरराष्ट्रीय संबंध और राजनीति में परास्नातक की डिग्री ली है। वो उस वक्त चर्चा में आईं जब उन्होंने पीएम मोदी के साथ सेल्फी खींची थी।
यूपी के इन खास चेहरों के सामने है बड़ी राजनीतिक चुनौती
स्वाति सिंह
स्वाति सिंह बीजेपी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की पत्नी हैं। जिन्हें बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में बीजेपी ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। स्वाति राज्य में पार्टी की महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष हैं। पार्टी ने उन्हें लखनऊ की सरोजनीनगर सीट से उम्मीदवार बनाया है।