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भाजपा से कांग्रेस और बिहार से झारखंड गए 'कीर्ति आजाद' धनबाद में जमा सकेंगे सियासी पारी?

Sat, 11 May 2019 10:34 AM IST
Nilesh Kumar चुनाव डेस्क, अमर उजाला
चुनाव डेस्क, अमर उजाला Published by: Nilesh Kumar Updated Sat, 11 May 2019 10:34 AM IST
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Political profile of Dhanbad lok saha hot seat Jharkhand in chunav 2019, Kirti Azad Congress vs BJP
धनबाद में मौजूदा सांसद पशुपति नाथ सिंह से है कीर्ति आजाद का मुकाबला - फोटो : अमर उजाला

कोयले की खान वाला धनबाद झारखंड में औद्योगिक सिटी के रूप में जाना जाता है। मुंबई के बाद यह देश का दूसरा सबसे बड़ा रेलवे सब डिवीजन है। बोकारो स्टील प्लांट, बीईएमएल, भारत कूकिंग कोल लिमिटेड, बोकारो पॉवर सप्लाई कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड जैसे झारखंड के कई बड़े उद्योग होने के बावजूद आर्थिक रूप से विकसित नहीं हो पाया है।



ये तो हुए भौगोलिक और आर्थिक हालात, अब सियासी पृष्ठभूमि पर बात करें तो यहां कांग्रेस भी लंबे समय तक रही और भाजपा भी। दोनों ही पार्टियां हारीं भी और फिर वापसी भी की। इस बार यहां से 20 प्रत्याशी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला मौजूदा भाजपा सांसद पशुपति नाथ सिंह और भाजपा से ही कांग्रेस में गए बागी नेता कीर्ति आजाद के बीच है। 

आगे की स्लाइड में जानते हैं इस हॉट सीट के बारे में और विस्तार से....

Political profile of Dhanbad lok saha hot seat Jharkhand in chunav 2019, Kirti Azad Congress vs BJP
Kirti Azad and Shatrughan Sinha - फोटो : अमर उजाला

भाजपा में बागी तेवर वाले दो नेता शत्रुघ्न सिन्हा और कीर्ति आजाद दोनों टिकट कटने के बाद कांग्रेस में शामिल हो गए थे। शत्रु की सीट तो फिक्स रही, लेकिन महागठबंधन में हुए सीट बंटवारे के समीकरण वाले खांचे में मामला फिट नहीं बैठने के बाद उन्हें बिहार से झारखंड भेज दिया गया और दरभंगा के बदले धनबाद से टिकट दिया। 

इस संसदीय क्षेत्र के तहत छह विधानसभा सीटें आती हैं। 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बोकारो, सिन्दरी, धनबाद और झरिया सीट अपने नाम की। निरसा सीट पर मार्क्सिस्ट कोऑर्डिनेशन ने, जबकि चंदनक्यारी पर झारखंड विकास मोर्चा ने जीत हासिल की। 

Political profile of Dhanbad lok saha hot seat Jharkhand in chunav 2019, Kirti Azad Congress vs BJP
पीएम मोदी की रैली(File Photo) - फोटो : अनिल कुमार

धनबाद लोकसभा सीट पर करीब 62 फीसदी मतदाता शहरी, जबकि 38 फीसदी मतदाता ग्रामीण हैं। वहीं यहां 16 फीसदी अनुसूचित जाति, जबकि आठ फीसदी अनुसूचित जनजाति/आदिवासी हैं। औद्योगिक क्षेत्र रहने के कारण यहां बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के लोग भी बसे हैं। 

यहां मतदाताओं की संख्या करीब 18.89 लाख है, जिनमें 10.32 लाख पुरुष और 8.57 लाख महिला शामिल हैं। 2014 के चुनाव में सीट पर करीब 61 फीसदी मतदान हुआ था।

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Political profile of Dhanbad lok saha hot seat Jharkhand in chunav 2019, Kirti Azad Congress vs BJP
Congress(File Photo)

कांग्रेस जीती, हारी और फिर वापसी की
धनबाद लोकसभा सीट से 1951 और 1957 का चुनाव कांग्रेस के पीसी बोस ने जीता। 1962 में एक बार फिर कांग्रेस जीती और पीआर चक्रवर्ती सांसद बने। 1967 में निर्दलीय उम्मीदवार ललिता राजलक्ष्मी जीतीं और 1971 में राम नारायण शर्मा की जीत के साथ फिर से कांग्रेस ने वापसी की। 

साल 1977 और 1980 में इस सीट पर कम्यूनिस्ट पार्टी के एके रॉय जीते। 1984 में फिर से कांग्रेस ने वापसी की और शंकर दयाल सिंह जीते। 1989 में कम्यूनिस्ट पार्टी के ही एके रॉय जीतकर तीसरी बार सांसद बने।

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Political profile of Dhanbad lok saha hot seat Jharkhand in chunav 2019, Kirti Azad Congress vs BJP
भाजपा (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI

1991 में कमल खिला, हारे फिर वापसी हुई
साल 1991 में इस सीट पर पर पहली बार भाजपा का खाता खुला और रीता वर्मा जीतीं थीं। साल 1991, 1996, 1998 और 1999 में वह लगातार चार बार सांसद रहीं और अटल सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहीं। साल 2004 में इस सीट से कांग्रेस के चंद्र शेखर दूबे जीते, लेकिन साल 2009 में पशुपति नाथ सिंह की जीत के साथ एक बार फिर से भाजपा की वापसी हो गई। 2014 लोकसभा चुनाव में वह दोबारा सांसद बने। 

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