ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर संसद में जोरदार बहस हुई। सभी पार्टियों के सांसदों ने एक-एक करके इस मुद्दे पर अपनी पार्टी का पक्ष रखा। कांग्रेस की तरफ से इस मुद्दे पर असम के सिलचर से सांसद सुष्मिता देव ने मजबूती से अपना पक्ष रखा। तीन तलाक बिल पर हो रही बहस में बोलते हुए कांग्रेस महिला मोर्चा की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कहा-
यह कानून मुस्लिम महिला के सशक्तिकरण के लिए नहीं है बल्कि मुस्लिम आदमियों को दोषी करार करने का बिल है। अगर महिला का सवाल है तो हमें कोई ऐतराज नहीं है लेकिन मुंह में राम बगल में छूरी से हमें ऐतराज है। इसलिए हमारी मांग है कि इस बिल को क्लोज स्क्रूटनी के लिए जाइंट सिलेक्शन कमिटी को भेजा जाए।
सुष्मिता देव के भाषण की चारों तरफ चर्चा हो रही है। आइए एक नजर डालते हैं उनके सियासी सफर पर-
38 साल की सुष्मिता देव असम के एक राजनीतिक परिवार से आती हैं। उनके दादा सतिन्द्र मोहन देव स्वतंत्रता सेनानी थे। बाद में असम के स्वास्थ्य मंत्री बने और लंबे समय तक सिलचर म्यूनिसिपैलिटी बोर्ड के चेयरमैन रहे थे। सुष्मिता देव के पिता एक स्पोर्ट्समैन भी थे।
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सुष्मिता देव कांग्रेस पार्टी के पूर्व नेता और मंत्री रहे संतोष मोहन देव की बेटी हैं। संतोष मोहन देव सिलचर से 6 बार सांसद चुने गए थे। संतोष मोहन देव इस्पात मंत्री थे। सुष्मिता देव की मां भीतिका देव भी राजनीति में रही हैं। संतोष मोहन देव का हाल ही में निधन हुआ था। सुष्मिता असम में सिलचर से लोकसभा सांसद हैं। सुष्मिता देव लोकसभा में अपनी पार्टी की तरफ से अक्सर विरोध की आवाज लगाती दिखती हैं। वह लोकसभा में काफी मुखर रहती हैं। हाल ही में सुष्मिता देव महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड पर जीएसटी हटाने की मुहिम चलाती नजर आई थीं।
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सुष्मिता ने भी राजनीति को अपना पेशा बनाया। उन्होंने राजनीति की शुरुआत सिलचर म्युनिसिपैलिटी से की थी। सिलचर म्युनिसिपैलिटी असम का दूसरा सबसे बड़ा नगर निकाय है। सुष्मिता ने दिल्ली के मिरांडा हाउस कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में 1993 में ग्रेजुएशन किया था। इसके बाद उन्होंने लंदन से लॉ की पढ़ाई की। सुष्मिता ने लंदन में थॉमस वैली यूनिवर्सिटी से लॉ में बैचलर की पढ़ाई की। यहां से सुष्मिता ने 1997 में अपना कोर्स पूरा किया था।
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उन्होंने लंदन के ही किंग्स कॉलेज से कॉर्पोरेट लॉ में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। सुष्मिता दिल्ली बार काउंसिल की सदस्य भी हैं। दिल्ली में पढ़ाई करने के दौरान कांग्रेस पार्टी के छात्र यूनियन एनएसयूआई में सक्रिय थीं और मिरांडा हाउस कॉलेज में स्टूडेंट यूनियन का चुनाव भी लड़ा था। सुष्मिता ने महिला कांग्रेस के अध्यक्ष चुने जाने पर कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी के प्रति आभार जताया था।