लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखों का एलान होते ही दल बदलने का सिलसिला जोर पकड़ने लगा है। नेता पाला बदलने में व्यस्त हैं। आज यानि 16 मार्च को कई नेताओं ने दूसरे दलों का हाथ थाम लिया। खास तौर पर आज भाजपा को तगड़ा झटका लगा। उसके कई नेता दूसरे दलों में शामिल हो गए। इसके अलावा जेडीएस को भी करारा झटका लगा है। किस किस पार्टी के नेता कहां पहुंच गए यहां पढ़िए।
चुनावी मौसम में नेता पाला बदलने में व्यस्त, भाजपा को लगा है तगड़ा झटका
भाजपा के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूड़ी के बेटे मनीष खंडूड़ी ने छोड़ी भाजपा
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के बेटे मनीष खंडूड़ी आज कांग्रेस में शामिल हो गए। उत्तराखंड के परेड ग्राउंड में कांग्रेस के चुनावी मंच पर पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में मनीष कांग्रेस में शामिल हो गए।
मनीष खंडूड़ी के कांग्रेस में शामिल होने को भाजपा के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है। संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष रहते बीसी खंडूड़ी ने जिन मुद्दों को उठाया था, कांग्रेस उन्हीं को केंद्र के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल करने की तैयारी में है।
भाजपा सांसद श्यामाचरण गुप्त सपा पार्टी में शामिल
उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद से भाजपा सांसद श्यामाचरण गुप्त ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। श्यामाचरण सपा में शामिल हो गए हैं। सपा ने उनको बांदा से अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इससे पहले 2004 से 2009 के बीच वह बांदा से सासंद रह चुके हैं। 2004 में वह समाजवादी पार्टी की टिकट से ही बांदा से चुनाव जीते थे। श्यामाचरण गुप्त बुंदेलखंड और विंध्याचल इलाके के एक बड़े कारोबारी भी हैं।
भाजपा सांसद राम प्रसाद शर्मा ने पार्टी छोड़ी
उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, मैंने आज भाजपा छोड़ दी। मैं असम के उन पुराने भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए दुख महसूस करता हूं जिन्हें नए घुसपैठियों के कारण नजरअंदाज किया जा रहा है। तेजपुर लोकसभा सीट के लिए पार्टी के संभावित उम्मीदवार के पैनल में शर्मा का नाम शामिल नहीं था। इसमें केवल असम के मंत्री और एनईडीए के संयोजक हिमंत बिस्वा शर्मा का नाम था।
बसपा में शामिल हुए जेडीएस के महासचिव दानिश अली
जनता दल (एस) के महासचिव दानिश अली ने पार्टी छोड़ दी है। जेडीएस छोड़कर दानिश अली बसपा में शामिल हो गए हैं। दानिश अली हाल ही में कांग्रेस और जनता दल (एस) के साथ गठबंधन वार्ता में शामिल थे। उन्होंने कहा कि जेडीएस का यूपी में संगठन नहीं है। अपने सभी प्रयासों के बावजूद मैं इसे अपनी जन्मभूमि, अपनी कर्मभूमि में नहीं बढ़ा पाया। आज संविधान पर खतरा मंडरा रहा है, ऐसे में हमें मजबूत नेतृत्व की जरूरत है।
बसपा में शामिल होने के बाद दानिश अली ने कहा- जेडीएस में रहते हुए भी मैंने कभी कुछ नहीं मांगा, जो एचडी देवगौड़ा ने काम सौंपा, मैंने वह किया। मैं देवेगौड़ा जी का आशीर्वाद और अनुमति लेने के बाद यहां आया हूं। बहनजी मुझे जो काम देंगी, वह काम मैं करूंगा।