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आखिर बिहार में महागठबंधन की सीटों पर हुआ फैसला, किसके हिस्से में कितनी सीटें?
Fri, 22 Mar 2019 09:45 PM IST
अमित मंडल
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Fri, 22 Mar 2019 09:45 PM IST
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बिहार- महागठबंधन के नेता
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बिहार में महागठबंधन के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर शुक्रवार को एलान हो गया। राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस रालोसपा, हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (हम), विकासशील इंसान पार्टी के बीच सीट शेयरिंग का आंकड़ा सामने आ चुका है। राजद नेता मनोज झा और अन्य दलों के नेताओं की मौजूदगी में इसका एलान किया गया। आज चार उम्मीदवारों के नाम का एलान भी किया गया, लेकिन अब बाकी उम्मीदवारों के नामों का इंतजार है। सबकी नजर रहेगी भाजपा के बागी विधायक शत्रुघ्न सिन्हा पर जिनके कांग्रेस या राजद में शामिल होने के कयास हैं। 40 लोकसभा सीटों को लेकर इन दलों के बीच सीट शेयरिंग का क्या फॉर्मूला निकला है पढ़ें।
तेजस्वी यादव
राष्ट्रीय जनता दल - 20 सीटें
बिहार में कुल 40 लोकसभा सीटों में से राजद सबसे ज्यादा 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते राजद को 20 सीटें मिली हैं। लालू यादव की पार्टी अपने कोटे से सीपीआई-एमएल को एक सीट देगी। कयास हैं कि उसके हिस्से में आरा की सीट आ सकती है। 2014 चुनाव में राजद ने 4 सीटें जीती थीं।
राहुल गांधी
कांग्रेस - नौ सीटें
समझौते के तहत इस बार कांग्रेस के हिस्से में नौ लोकसभा सीटें आई हैं। लंबी बातचीत के बाद इन दो प्रमुख दलों के बीच सीटों पर सहमति बनी है। 2014 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने दो सीटें जीती थीं।
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उपेंद्र कुशवाहा
रालोसपा - 5 सीटें
इस पार्टी को महागठबंधन में पांच सीटें मिली हैं। पार्टी के लिहाज से इसे अच्छी संख्या कहा जा सकता है। हाल ही में रालोसपा एनडीए में शामिल थी। लेकिन सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर पार्टी ने महागठबंधन का हाथ थाम लिया। पार्टी सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा केंद्र सरकार में राज्य मंत्री भी रहे। लेकिन बात इतनी बिगड़ी कि वह एनडीए और भाजपा से पूरी तरह जुदा हो गए। 2014 में रालोसपा को तीन सीटें मिली थीं।
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जीतनराम मांझी