कोलकाता में जूनियर डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के विरोध में पूरे पश्चिम बंगाल में बुधवार रात महिलाएं सड़कों पर उतर गईं और जमकर प्रदर्शन किया। बुधवार रात साढ़े 11 बजे के बाद कोलकाता में शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन बंगाल के अधिकतर छोटे बड़े शहरों में फैल गया।
Kolkata Doctor Case: बंगाल में आधी रात को सड़कों पर उतरीं महिलाएं, दिखा भयंकर गुस्सा; बोलीं- 'वी वांट जस्टिस'
कोलकाता में पिछले हफ्ते जूनियर डॉक्टर की दुष्कर्म और हत्या के बाद पश्चिम बंगाल में महिलाएं बुधवार रात सड़कों पर उतर गईं। सभी वर्ग की महिलाओं ने आधी रात सड़कों पर जमकर प्रदर्शन किया और न्याय की मांग की।
सोशल मीडिया पर भी 'रिक्लेम द नाइट’ अभियान के नाम से यह प्रदर्शन छाया रहा। रात बढ़ने के साथ ही सड़कें "वी वांट जस्टिस" के नारों से गूंज उठीं। प्रदर्शनकारियो में हर एक इलाके से छात्राएं, पेशेवर, गृहिणियां सहित हर वर्ग की महिलाएं एक साथ मार्च कर रहीं थीं।
#WATCH | West Bengal: Women hold protest against RG Kar Medical College and Hospital rape-murder incident, in Siliguri. pic.twitter.com/HDReo27CLh
— ANI (@ANI) August 14, 2024
आंदोलन की शुरुआत करने वाली रिमझिम सिन्हा ने बताया कि यह घटना को महिलाओं के लिए एक नए स्वतंत्रता संग्राम की तरह है, जिसका प्रतीक एक लाल हाथ में अर्धचंद्र पकड़े हुए एक वायरल पोस्टर है।
#WATCH | RG Kar Medical College and Hospital rape-murder incident | CPI (M) General Secretary D Raja says, "...What happened in Kolkata was a heinous crime and such crimes should not take place anywhere in the country. We are celebrating 78 years of Independence. What is the… pic.twitter.com/TYK88W2Y6p
— ANI (@ANI) August 14, 2024
महिलाओं के इस प्रदर्शन में राजनीतिक दलों के झंडों पर प्रतिबंध था, लेकिन एलजीबीटीक्यू समूह शामिल थे। पिछले कुछ दिनों में, आंदोलन पूरे बंगाल के विभिन्न कस्बों और जिलों में फैल गया है।
कोलकाता के सरकारी आरजी कर अस्पताल के सभागार में बलात्कार और हत्या की शिकार हुई स्नातकोत्तर प्रशिक्षु का शव शुक्रवार सुबह बरामद किया गया। इस सिलसिले में शनिवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। पीड़िता के माता-पिता ने मामले की जांच अदालत की निगरानी में कराने की मांग करते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सीबीआई जांच की मांग को लेकर कई अन्य जनहित याचिकाएं भी दायर की गई थीं। कोर्ट ने राज्य पुलिस को मामले के दस्तावेज केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपने का निर्देश दिया गया था। हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस को बुधवार सुबह 10 बजे तक केस डायरी सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया था।