कश्मीर के एक प्रतिष्ठित पत्रकार और राइजिंग कश्मीर के संपादक सैय्यद शुजात बुखारी अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। शुजात बुखारी को उनके पैतृक गांव में सुपुर्द-ए-खाक किया गया और उनके जनाजे में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। भारी बारिश के बावजूद बारामूला जिले के इस गांव में हजारों लोग नम आंखों से बुखारी के जनाजे के साथ-साथ चल रहे थे। बुखारी के जनाजे में शामिल होने उनके पैतृक गांव आनेवालों में विपक्ष के नेता उमर अब्दुल्ला और पीडीपी तथा भाजपा के मंत्री भी शामिल थे। गुरुवार को श्रीनगर में उनके दफ्तर के बाहर बाइक सवार तीन आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
शुजात श्रीनगर में रहने वाले एक पत्रकार थे जो घाटी की समस्याएं और चुनौतियों को लेकर हमेशा मुखर रहा करते थे । उन्होंने दुनियाभर के कई प्रतिष्ठित संगठनों के लिए लेख लिखे थे।
बुखारी श्रीनगर से निकलने वाले एक स्थानीय अखबार राइजिंग कश्मीर के संपादक थे। वह अदबी मकरज कमराज के अध्यक्ष थे। यह घाटी का सबसे बड़ा और सबसे पुराना सांस्कृतिक और साहित्यिक संगठन है।
शुजात ने मनीला की अटेनो डे मनीला यूनिवर्सिटी से सिंगापुर की एशियन सेंटर फॉर जर्नलिज्म की फेलोशिप पर पत्रकारिता में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की थी।
बुखारी को अमेरिका की विश्व प्रेस संस्थान और सिंगापुर की एशियन सेंटर फॉर जर्नलिज्म के अलावा हवाई के ईस्ट वेस्ट सेंटर से भी फेलोशिप मिली थी।