भारत और रूस के बीच होने वाले संयुक्त युद्धाभ्यास इंद्र 2019 की शुरुआत एक साथ तीन स्थानों पर हो गई है। एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश के बबीना में दोनों देशों की थलसेना अपने युद्धकौशल का प्रदर्शन कर रही हैं। वहीं, गोवा में नौसेना के युद्धपोत और पुणे में वायुसेना के विमान करतब दिखा रहे हैं।
इंद्र-2019: तोप के गोलों से दहली जमीन, हवा में गरजे विमान, पानी में युद्धपोतों का पराक्रम
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साझा रणकौशल विकसित करने पर जोर
कूटनीतिक नजदीकियों से आगे बढ़ते हुए भारत-रूस आतंकवाद और दुश्मनों के खिलाफ साझा रणकौशल विकसित कर रहे हैं। भारत में पहली बार रूस की थल सेना, नौ सेना और वायुसेना भारतीय समकक्ष के साथ युद्धाभ्यास करने आई हैं।
दस दिनों तक चलेगा संयुक्त युद्धाभ्यास
बुधवार को झांसी की बबीना छावनी में दस दिवसीय संयुक्त युद्धाभ्यास इंद्र-2019 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस दौरान टैंकों की परेड, वायु करतब आकर्षण का केंद्र रहे। बबीना के साथ ही महाराष्ट्र के पुणे और गोवा में भी दोनों देशों की वायु और नौसेना अपने-अपने पराक्रम का प्रदर्शन करेंगी।
वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक तैयारी
बुधवार को इंद्र 2019 के उद्घाटन पर रूस के पूर्वी सैन्य जिले की 5वीं सेना के प्रमुख मेजर जनरल सेकोव ओलेग और भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के स्टाफ अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल डीएस आहूजा ने कहा कि इंद्र 2019 दोनों देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक तैयारी है। दोनों देशों की सेनाएं एक दूसरे से अनुभव और कुशलता साझा करेंगी। युद्ध या आतंक विरोधी कार्रवाई में एक साथ आक्रमण करने, सामंजस्य बैठाने का प्रयास करेंगी।
अभ्यास का हिस्सा रहेंगे ये टास्क
वायु सेना के साथ संयुक्त ऑपरेशन, आबादी के बीच सैन्य कार्रवाई, आतंकियों की खोज कर उनका खात्मा, सड़क खोलना, आग के बीच कार्रवाई और बचाव कार्य, समुद्र में छिपे आतंकियों का सफाया, युद्धक विमान और मानव रहित विमानों व टैंकों से दुश्मन का सर्वनाश आदि अभ्यास का हिस्सा रहेंगे।