फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Wayanad Landslide: 'हमारे बच्चे लापता हैं', मलबे के बीच अपनों की तलाश, दर-दर भटकते परिजनों के नहीं थम रहे आंसू

Tue, 30 Jul 2024 08:52 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वायनाड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वायनाड Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Tue, 30 Jul 2024 08:52 PM IST
सार

चारों तरफ चीख-पुकार मची है और लोग मृतकों के बीच अपने प्रियजनों को तलाश रहे हैं। जिन लोगों को अपने परिचितों के शव मिले, वे सदमे में आ गए और जो अपनों की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं, उनके माथे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आतीं हैं। 

विज्ञापन
Horrific stories told by victims and eyewitnesses after Wayanad landslide
वायनाड में भूस्खलन से तबाही - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

केरल के वायनाड जिले में प्राकृतिक आपदा ने ऐसा कहर बरपाया कि पल भर में कई लोग मौत के मुंह में समा गए। मलबे के बीच से 123 लोगों के शव बरामद कर दिए हैं और अभी मौत का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। अलग अलग अस्पतालों में मौत का मंजर साफ नजर आता है। चारों तरफ चीख-पुकार मची है और लोग मृतकों के बीच अपने प्रियजनों को तलाश रहे हैं। जिन लोगों को अपने परिचितों के शव मिले, वे सदमे में आ गए और जो अपनों की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं, उनके माथे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आतीं हैं। 

‘मुझे नहीं पता क्या करना है, परिजनों को कहां ढूंढना है?’

Horrific stories told by victims and eyewitnesses after Wayanad landslide
वायनाड में भूस्खलन से तबाही - फोटो : PTI

आंखों में आंसू लिए एक युवती अभी भी अपने परिजनों को तलाश रहीं हैं। युवती ने बताया कि उनके परिवार के पांच सदस्य भूस्खलन के बाद से लापता हैं। इन पांच सदस्यों में दो बच्चे भी शामिल हैं। युवती इस उम्मीद में दर-दर भटक रही है कि कहीं से लापता हुए परिजनों का कोई सुराग मिल जाए। युवती इस उम्मीद के साथ अस्पताल आई कि कहीं उसके परिजन यहां तो भर्ती नहीं? युवती का कहना है, ‘मुझे नहीं पता कि क्या करना है, अपने परिजनों को कहां ढूंढना है? आखिर हम क्या करेंगे? हमारे परिवार के दो बच्चे भी लापता हैं।’

‘हमारा घर ढह गया, हमारी मदद कीजिए’

Horrific stories told by victims and eyewitnesses after Wayanad landslide
वायनाड में भूस्खलन से तबाही - फोटो : PTI

एक युवक, जिसकी आंखों से आंसू डबडबा रहे थे। प्राकृतिक आपदा के दौरान उस युवक के भाई की भी मौत हो गई। अपने भाई की मौत से दुखी युवक बार बार अपने आंसू पोंछकर एक ही बात कह रहा है, हमारा घर ढह गया, हमारी मदद कीजिए।   

विज्ञापन
विज्ञापन

‘दुर्भाग्य से मैं अभी तक किसी को नहीं ढूंढ पाई’

Horrific stories told by victims and eyewitnesses after Wayanad landslide
वायनाड में भूस्खलन से तबाही - फोटो : PTI

एक स्थानीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी मलबे के बीच अपने परिचितों को तलाश कर रहीं हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का कहना है कि लापता हुए लोगों में एक 12 वर्षीय किशोरी भी शामिल है, जिसे वह काफी लंबे समय से जानतीं हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का कहना है, ‘किशोरी के कुछ रिश्तेदारों ने मुझे फोन किया। मुझे बताया गया कि पूरा परिवार लापता है। उनका घर ढह गया है कि और दुर्भाग्य से, मैं अभी तक किसी को नहीं ढूंढ पाई। 

विज्ञापन

अपने भाई की तलाश में दिव्यांग अबू बकर

Horrific stories told by victims and eyewitnesses after Wayanad landslide
वायनाड में भूस्खलन से तबाही - फोटो : PTI

वायनाड में ऐसा भूस्खलन आया कि किसी को सोचने तक का मौका नहीं मिला कि आखिर बचने के लिए कहां भागें, कहां अपना सिर छुपाएं। एक दिव्यांग युवक, अबू बकर को अपने भाई की तलाश में भटकते देखा गया। वो भीड़भाड़ वाले अस्पतालों के चक्कर काट रहा है और अपनी भाई को तलाश रहा है। अबू बकर  ने कहा, ‘मैं अपनी पत्नी और बेटे के साथ सोमवार को बहन के घर चला आया था क्योंकि हमारे घर में भारी बारिश हो रही थी। हमारे पास में ही मेरा भाई और उसका परिवार रहता था। भूस्खलन के बाद से वे सभी लापता हैं।’ अबू बकर को उम्मीद है कि उसके भाई का परिवार कहीं सुरक्षित होंगा। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed