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तस्वीरें: डीएमके में एमके स्टालिन का दौर शुरू, 49 सालों तक सिर्फ करुणानिधि का था एकछत्र राज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 28 Aug 2018 03:07 PM IST
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M Karunanidhi
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द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि की मौत के बाद उनके बेटे और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन को मंगलवार को आधिकारिक तौर पर पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया गया है। यह जानकारी पार्टी के महासचिव के. अंबाजगन ने दी।
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एमके. स्टालिन आम सहमति से द्रमुक के अध्यक्ष चुने गये हैं। आज पार्टी मुख्यालय पर डीएमके के सामान्य परिषद की बैठक हुई जिसमें उनके राज्याभिषेक का फैसला लिया गया। बैठक से पहले मुख्यालय पहुंचकर स्टालिन ने अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन भरा था।
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डीएमके के दूसरे अध्यक्ष के तौर पर स्टालिन की राह आसान मानी जा रही थी क्योंकि पार्टी के 65 जिलों के सचिवों ने उनका नाम प्रस्तावित किया था और पद के लिए अकेले उन्होंने नामांकन पत्र दाखिल किया था। अपने पिता के बाद वह पार्टी के दूसरे अध्यक्ष बने हैं। इससे पहले 49 सालों तक करुणानिधि इस पद पर काबिज थे।
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स्टालिन जनवरी 2017 से पिता का स्वास्थ्य खराब होने की वजह से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर काम कर रहे थे। इस महीने की शुरुआत में पिता की मौत के बाद उनका पार्टी सुप्रीमो बनना जरूरी हो गया था।
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tribute of m karunanidhi
पिता की मौत के बाद एमके स्टालिन और उनके भाई एमके अलागिरी के बीच लगातार जुबानी जंग खूब चली थी। अलागिरी पार्टी में शामिल होने की ताक में हैं। पूर्व डीएमके मंत्री को करुणानिधि ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और अपमानजनक टिप्पणी करने की वजह से 2014 में पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने एमके स्टालिन को अपने राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में नामित किया था।