फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Satheesan says organiser's 'criminal' background, police report prompted him to skip Chenthi event

केरल: चेंथी कार्यक्रम में क्यों नहीं गए सीएम सतीशन? आयोजक की पृष्ठभूमि पर उठाए सवाल; कहां से शुरू हुआ विवाद

Wed, 02 Sep 2026 11:44 PM IST
निर्मल कांत पीटीआई, तिरुवनंतपुरम।
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 02 Sep 2026 11:44 PM IST
सार

केरल में चेंथी कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और कांग्रेस नेता अनिल कुमार का विवाद चर्चा में है। कार्यक्रम से दूरी, काफिला रोकने का आरोप और पार्टी की कार्रवाई के बाद मामला कोर्ट तक पहुंचा। इस पूरे मामले में अब तक क्या-क्या हुआ? पढ़िए रिपोर्ट

विज्ञापन
Satheesan says organiser's 'criminal' background, police report prompted him to skip Chenthi event
वीडी सतीशन, केरल के मुख्यमंत्री - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने बुधवार को कहा कि उन्होंने दो हफ्ते पहले यहां चेंथी में होने वाले श्री नारायण जयंती कार्यक्रम में जाने का फैसला रद्द कर दिया था। उन्हें बताया गया था कि यह कार्यक्रम एक ऐसा व्यक्ति आयोजित कर रहा है, जिसकी पृष्ठभूमि 'आपराधिक' है। इसके बाद उन्हें पुलिस की एक रिपोर्ट भी मिली थी। इसी वजह से उन्होंने कार्यक्रम में नहीं जाने का फैसला किया।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री सतीशन ने क्या कहा?
सतीशन ने कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम में आने का न्योता मिला था। लेकिन इलाके के कार्यकर्ताओं ने उन्हें आयोजक के आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में बताया। इसके बाद उन्हें पुलिस की रिपोर्ट मिली। तब उन्होंने कार्यक्रम में जाना रद्द कर दिया।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री यहां पत्रकारों के एक सवाल का जवाब दे रहे थे। उनसे कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं से जुड़े विवाद के बारे में पूछा गया था। इनमें अनिल कुमार भी शामिल हैं। उन्हें चेंथी अनी के नाम से भी जाना जाता है। आरोप है कि इन लोगों ने सतीशन का रास्ता रोकने की कोशिश की थी। इसके बाद पुलिस ने पिछले हफ्ते आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


सतीशन ने कहा कि वह पास के चेम्पाझंथी जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को खड़ा देखा। इसके बाद वह अपनी गाड़ी से नीचे उतर गए। सतीशन ने कहा, किसी ने मेरा रास्ता नहीं रोका था। जब उन्होंने मुझे फूल चढ़ाने के लिए कहा, तब मैं गाड़ी से नीचे उतरा। उसी समय उस व्यक्ति (अनिल) ने मुझसे गलत तरीके से बात की। मैं वहां कोई विवाद खड़ा नहीं करना चाहता था। इसलिए मैं वापस लौट गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने खुद ही इस मामले में केस दर्ज किया था।

सतीशन ने कहा कि वह उस समय तिरुवनंतपुरम जिला कांग्रेस समिति (डीसीसी) से जुड़े अनिल कुमार को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते थे। उन्होंने कहा, मैं उसे व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता। उससे मेरी कोई निजी पहचान नहीं है। मैं उसके घर गया था। लेकिन इसकी वजह उसकी पत्नी थीं। मैं उनकी पत्नी को जानता था। वह पूर्व पार्षद थीं। स्थानीय निकाय चुनाव के बाद उनका निधन हो गया था। उनकी मौत के समय मैं उनके घर गया था। 

सतीशन ने कहा, मुझे इस मामले पर इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मैं इसके बारे में आगे कुछ नहीं कहना चाहता। 

अनिल कुमार पर क्या आरोप हैं?
अनिल कुमार को पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि उन्होंने सतीशन के सरकारी काफिले को रोक दिया था। उस समय सतीशन एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। पुलिस के अनुसार, अनिल और कुछ अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री के काफिले को कथित तौर पर रोक दिया था। वे चाहते थे कि सतीशन उनकी ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल हों।

ये भी पढ़ें: केरल: तस्करी का चौंकाने वाला प्लान, मासूम के शरीर में यहां छुपा रखा था लाखों का सोना; ऐसे खुला राज


हालांकि, वह कार्यक्रम मुख्यमंत्री के तय कार्यक्रमों की आधिकारिक सूची में शामिल नहीं था। इसके बाद कांग्रेस ने अनिल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की। पार्टी ने उन्हें हटा दिया। पुलिस ने यह भी कहा है कि अनिल का नाम श्रीकार्यम थाने की रोडी हिस्ट्री शीट (आरएचएस) में दर्ज है। उसके खिलाफ छह आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। 

बिंदुवार जानिए पूरा मामला-
  • सीएम सतीशन ने चेंथी में होने वाले श्री नारायण जयंती कार्यक्रम से दूरी बनाई। उन्होंने आयोजक की आपराधिक पृष्ठभूमि का हवाला दिया।
  • सतीशन को पहले इलाके के कार्यकर्ताओं से आयोजक के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस की रिपोर्ट मिलने पर उन्होंने कार्यक्रम रद्द किया।
  • काफिला रोकने के आरोप पर सतीशन ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि किसी ने रास्ता नहीं रोका था, बल्कि अनिल ने उनसे गलत तरीके से बात की थी।
  • पुलिस के मुताबिक, अनिल और कुछ लोगों ने सतीशन का काफिला रोका था। वे चाहते थे कि मुख्यमंत्री उनके कार्यक्रम में शामिल हों।
  • कांग्रेस ने अनिल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की और उन्हें पार्टी से हटा दिया। पुलिस के मुताबिक, उनके खिलाफ छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।
  • बुधवार को कोर्ट ने अनिल को जमानत दे दी। बाद में उन्होंने सीएम सतीशन से माफी मांगी और अपनी बातों पर अफसोस जताया।

सीएम से अनिल ने क्या कहा?
इस बीच, बुधवार को यहां की एक स्थानीय अदालत ने अनिल को जमानत दे दी। बाद में एक टीवी चैनल से बात करते हुए अनिल ने कहा कि उन्हें अपनी कही बातों पर अफसोस है। उन्होंने मुख्यमंत्री से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा, मैंने उस समय गुस्से में कई गलत बातें कही थीं। मुझे इसका बहुत अफसोस है। मुझे उम्मीद नहीं थी कि मामला इतना बढ़ जाएगा। मैं समझता हूं कि मेरी बातों से मुख्यमंत्री को भी दुख पहुंचा है। इसलिए मैं उनसे माफी मांगता हूं। अगर मुझे मौका मिला, तो मैं उनसे व्यक्तिगत रूप से माफी मांगूंगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed