हेलिकॉप्टर और चैटिंग के शौकीन हैं राज्य मंत्री का दर्जा पाने वाले कम्प्यूटर बाबा
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मध्यप्रदेश सरकार ने मंगलवार को पांच संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया है। दर्जा पाए संतों में सबसे ज्यादा चर्चा 'कम्प्यूटर बाबा' की है। हो भी क्यों न नाम है भी इतना अलग। लेकिन सवाल यह है कि उनका नाम किसने रखा और आखिर किन वजहों से वह चर्चा में हैं।
बता दें कि लंबी दाढ़ी, लंबे बाल रखने वाले 54 वर्षीय कम्प्यूटर बाबा का असली नाम नामदेव दास त्यागी है और वह इंदौर के रहने वाले हैं। अपने साथ हमेशा लैपटॉप रखने वाले नामदेव को लोग उन्हें इस वजह से कम्प्यूटर बाबा के नाम से पुकारने लगे। आम बाबाओं से अलग वह अपने भक्तों से फेसबुक पर चैटिंग भी करते हैं।
वहीं एक कहानी यह भी है कि उनका दिमाग कम्प्यूटर की तरह तेज चलता है इसलिए भी उन्हें कम्प्यूटर बाबा कहा जाता है। यही नहीं बाबा हमेशा अलग-अलग तरह के गैजेट्स अपने पास रखते हैं। हमेशा खुद को इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से घेरे रखने, तेज दिमाग और कूल अंदाज की की वजह से ही उन्हें 'कम्प्यूटर बाबा' की संज्ञा मिली।
वहीं तीन साल पहले वह तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने कुंभ मेले के दौरान घाट पर हेलिकॉप्टर लैंड कराने की अनुमति ली थी। जिसके बाद उन्होंने घाट पर स्नान किया।
2014 में उन्हें आम आदमी पार्टी की तरफ से टिकट देने की भी चर्चाएं थीं। बता दें कि राज्यमंत्री का दर्जा पाए संतों में नर्मदानंद महाराज, हरिहरानंद महाराज, भय्यू महाराज एवं पंडित योगेंद्र महंत के नाम भी शामिल हैं।
वहीं पद और सुविधाओं पर कंप्यूटर बाबा ने कहा कि अगर हमें सरकारी सुविधाएं नहीं मिलेंगी तो हम नर्मदा नदी के संरक्षण का काम कैसे कर पाएंगे। जिलाधिकारियों से बात करने के लिए हमें सरकारी दर्जे की जरूरत थी।
भय्यू महाराज जमींदार और पूर्व मॉडल रह चुके हैं
वहीं दर्जा पाए भय्यू महाराज भी अपनी लाइफ स्टाइल को लेकर सुर्खियों में हैं। भय्यू महाराज का असली नाम उदय सिंह देशमुख है। मर्सडीज से सफर करने वाले भय्यू महाराज जमींदार और पूर्व मॉडल रह चुके हैं।
प्रदेश की राजनीति में भी उनकी पहुंच बताई जाती है। बताया जाता है कि कई दिग्गज नेता भी उनके फॉलोअर्स में शामिल हैं।
राज्यमंत्री का दर्जा मिलने के बाद उन्होंने कहा कि 'मेरे द्वारा समाज के लिए किए गए कार्यों से प्रभावित होकर राज्य सरकार ने मुझे यह दर्जा दिया। मैं आगे भी समाज की भलाई के लिए ऐसे ही काम करता रहूंगा।