भारतीय वायुसेना की शक्ति में आज इजाफा होने जा रहा है। लगभग महीने भर पहले भारत आने के बाद आज 'चिनूक' हेलीकॉप्टर आधिकारिक रूप से वायुसेना में शामिल हो जाएगा। अमेरिकी कंपनी बोइंग द्वारा बनाए गए चिनूक सीएच-47आई हैवी लिफ्ट हेलीकॉप्टर से भारत की सामरिक शक्ति बढ़ेगी। इसे चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर कमीशन किया जाएगा।
इसकी सबसे बड़ी खासियत है तेज गति। पहले चिनूक ने 1962 में उड़ान भरी थी। यह एक मल्टीमिशन श्रेणी का हेलीकॉप्टर है।
चिनूक हेलीकॉप्टर अमेरिकी सेना की खास ताकत है। इसी चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद से अमेरिकी कमांडो ने पाकिस्तान में घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारा था। वियतनाम से लेकर इराक के युद्धों तक शामिल चिनूक दो रोटर वाला हैवीलिफ्ट हेलीकॉप्टर है।
भारत ने जिस चिनूक को खरीदा है, उसका नाम है CH-47 एफ है। यह 9.6 टन वजन उठा सकता है, जिससे भारी मशीनरी, तोप और बख्तरबंद गाड़ियां लाने-ले जाने में सक्षम है।
यह एक मल्टीमिशन श्रेणी का हेलीकॉप्टर है। इससे पहले अमेरिका के फिलाडेल्फिया में बोइंग ने इसी हफ्ते भारत को पहले चिनूक हेलिकॉप्टर की खेप आधिकारिक रूप से सौंप दी थी।