देश का कानून नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करता है। मजबूत सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून व्यवस्था का सक्षम और सशक्त होना अति आवश्यक है। इसलिए बेहद जरूरी हो जाता है अपने अधिकारों को समझना और उनके उपयोग को जानना। पुलिस थाना और पुलिस को लेकर डरने की आवश्यकता नहीं बल्कि समझदारी से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है। अगर गिरफ्तारी की नौबत आए तो जान लेना चाहिए अपने अधिकारों के बारे में, आइए जानते हैं उन अधिकारों के बारे में जो गिरफ्तारी के वक्त जानना जरूरी है-
पुलिस करती है गिरफ्तार तो आपके काम आएंगे ये 10 अधिकार
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कानून के तहत इन अनुच्छेदों में मिलता है विशेष अधिकार
क्या है गिरफ्तारी
कानून के तहत इन अनुच्छेदों में मिलता है विशेष अधिकार
अनुच्छेद 22: गिरफ्तारी या हिरासत में लिए जाने पर उसके विरुद्ध संरक्षण का अधिकार।
'अनुच्छेद 22 में आपको यह अधिकार प्राप्त होता है कि आप यह जान सकते हैं कि हिरासत के विरुद्ध आपके संरक्षण का अधिकार क्या है '
सुभाष चंद्र दुबे, आईपीएस अधिकारी
अनुच्छेद 22 (1) यह अनुच्छेद गिरफ्तार हुए और हिरासत में लिए गए व्यक्ति को विशेष अधिकार प्रदान करता है। विशेष रूप से गिरफ्तारी का आधार सूचित किया जाना कि किस वजह से हिरासत में लिया जा रहा है।
अपनी पसंद और सहूलियत के एक वकील से सलाह करने का अधिकार आपको देता है।
आप यह जान सकते हैं कि किस आधार पर कौन सी धारा लगा कर आपको हिरासत में लिया गया है।
' जब भी गिरफ्तारी की नौबत आती है और आपको किसी वजह से पुलिस स्टेशन जाना पड़ता है तो आप अधिकारी से अपने अधिकारों को लेकर बोल सकते हैं और उनका उपयोग कर सकते हैं।'
जीतेन्द्र राणा, आईपीएस अधिकारी
अनुच्छेद 22 (2) गिरफ्तारी के 24 घंटे के अंदर एक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने का अधिकार है।
मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना तय अवधि से अधिक समय तक हिरासत में नहीं रखे जाने का अधिकार प्रदान करता है।
आप अपनी बात मजिस्ट्रेट के आगे रख सकते हैं।
'आपको कानून अधिकार देता है कि आप अपनी गिरफ्तारी के विषय में जान सकते हैं। आपको अपने अधिकारों के प्रति आवश्यक तौर पर जागरूक होना चाहिए। कानून आपका दोस्त होता है और पुलिस भी आपकी मदद के लिए होती है। '
दीपक वर्णवाल, आईपीएस अधिकारी
जानिए अगर किसी मामले में पुलिस गिरफ्तार करने आती है तो आपके अधिकार क्या-क्या हैं
सीआरपीसी की धारा 50 (1) के तहत पुलिस अगर किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करती है तो गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को उसका कारण बताना होगा। यह जानना उसका अधिकार है।
जब पुलिस गिरफ्तारी के लिए आए तो उसे यूनिफॉर्म में होना चाहिए।
- जब पुलिस गिरफ्तारी के लिए आए तो उसे यूनिफॉर्म में होना चाहिए।
- वर्दी पर नेमप्लेट लगी होनी चाहिए, उस पर नाम स्पष्ट लिखा होना चाहिए।
- अगर महिला की गिरफ्तारी है तो महिला पुलिस साथ होनी चाहिए।
जानिए अपने अधिकार: गिरफ्तारी तीसरा अधिकार
गिरफ्तारी: तीसरा अधिकार
- सीआरपीसी की धारा 41 (बी) के अनुसार पुलिस को अरेस्ट मेमो यानी गिरफ्तारी का विवरण तैयार करना होगा
- जिसमें गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारी की रैंक
- गिरफ्तार करने का समय क्या है
- पुलिस अधिकारी के अतिरिक्त जो प्रत्यक्षदर्शी (eyewitness) के हस्ताक्षर भी शामिल होंगे।