Jokes Hindi: अगर आप सेहतमंद रहना चाहते हैं तो आपके लिए हंसना बेहद जरूरी है। मानसिक तनाव और चिंता से दूर रहने के लिए इंसान को सुबह और शाम जरूर हंसना चाहिए। हंसने के लिए किसी खास मौके की जरूरत नहीं होती है, क्योंकि आप किसी भी समय और कभी भी हंस सकते हैं। अगर आप बुरे वक्त में भी हंसते रहते हैं, तो यह कठिन समय भी आसानी से बीत जाता है। इंसान को हंसाने में जोक्स और चुटकुले काफी मदद करते हैं। इसलिए हम आपके लिए कुछ मजेदार जोक्स लेकर आए हैं जिसे पढ़ने के बाद आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे। तो देर किस बात की, आइए शुरू करते हैं हंसने और हंसाने का सिलसिला...
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Latest Jokes: टीचर- कभी अपनी बुक खोल के देखी है तुमने? चिंटू ने दिया गजब का जवाब
Tue, 03 Oct 2023 11:39 AM IST
ज्योति मेहरा
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Tue, 03 Oct 2023 11:39 AM IST
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- फोटो : iStock
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टीचर चिंटू से - कभी अपनी बुक खोल के देखी है तुमने?
चिंटू - हां, मैं तो रोज बुक खोलता हूं।
टीचर - कौन सी बुक?
चिंटू - फेसबुक।
चिंटू - हां, मैं तो रोज बुक खोलता हूं।
टीचर - कौन सी बुक?
चिंटू - फेसबुक।
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पिंटू साइकिल से बाजार जा रहा था.
एक विदेशी आदमी आया और उसने पिंटू को रोका.
पिंटू: ऐसे आचनक से सामने आ गया, मरेगा क्या?
विदेशी: मुझे ताज महल जाना है.
पिंटू: तो जा ना. सबको बताता रहेगा तो पहुंचेगा कब?
एक विदेशी आदमी आया और उसने पिंटू को रोका.
पिंटू: ऐसे आचनक से सामने आ गया, मरेगा क्या?
विदेशी: मुझे ताज महल जाना है.
पिंटू: तो जा ना. सबको बताता रहेगा तो पहुंचेगा कब?
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आर्मी ट्रेनिंग के दौरान, अफसर ने पूछा: ‘ये हाथ में क्या है?’
सुरेश: “सर, बन्दुक है …!”
अफसर : “ये बन्दुक नहीं! तुम्हारी इज़्ज़त है, शान है, ये तुम्हारी माँ है माँ !!”
फिर अफसर ने दूसरे सिपाही रमेश से पूछा: “ये हाथ में क्या है?”
रमेश: “सर, ये सुरेश की माँ है, उसकी इज़्ज़त है,
उसकी शान है और हमारी मौसी है मौसी..!
सर बेहोश….
सुरेश: “सर, बन्दुक है …!”
अफसर : “ये बन्दुक नहीं! तुम्हारी इज़्ज़त है, शान है, ये तुम्हारी माँ है माँ !!”
फिर अफसर ने दूसरे सिपाही रमेश से पूछा: “ये हाथ में क्या है?”
रमेश: “सर, ये सुरेश की माँ है, उसकी इज़्ज़त है,
उसकी शान है और हमारी मौसी है मौसी..!
सर बेहोश….
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काफी दिनों बाद सांता पार्क में घूमने गया,
घर लौटकर उसने अपनी पत्नी को बताया–
जानती हो लोग मुझे भगवान मानने लगे हैं,
पत्नी– ये तुमने कैसे जाना।
संता– जब मैं पार्क में गया था लो वहां पर औरतें
मुझे देख कर बोली, “हे भगवान!, तू फिर आ गया।”
घर लौटकर उसने अपनी पत्नी को बताया–
जानती हो लोग मुझे भगवान मानने लगे हैं,
पत्नी– ये तुमने कैसे जाना।
संता– जब मैं पार्क में गया था लो वहां पर औरतें
मुझे देख कर बोली, “हे भगवान!, तू फिर आ गया।”