जिंदगी में खुश रहने के लिए हमेशा किसी खास मौके की जरूरत नहीं होती। कभी सुबह की चाय के साथ परिवार की हंसी-मजाक भरी बातें दिन बना देती हैं, तो कभी बाजार में किसी दुकानदार या काम करने वाले से हुई मजेदार बातचीत चेहरे पर मुस्कान ले आती है। घर बनवाना हो या पुराने घर की मरम्मत करानी हो, मिस्त्री और मालिक के बीच बातचीत का सिलसिला भी कम दिलचस्प नहीं होता। मालिक चाहता है कि काम जल्दी और कम खर्च में पूरा हो जाए, जबकि मिस्त्री के पास हर परेशानी का अपना तर्क होता है। कभी सामान कम पड़ जाता है, तो कभी काम में एक दिन की देरी हो जाती है। ऐसे में मालिक सवाल पूछता है और मिस्त्री अपने जवाब से पूरा हिसाब ही बदल देता है। दोनों के बीच होने वाली यही मजेदार बातचीत कई बार हंसी का कारण बन जाती है। तो चलिए, पढ़ते हैं मिस्त्री और मालिक के कुछ ऐसे ही छोटे-छोटे जोक्स, जिनके जवाब आपको जरूर गुदगुदाएंगे।
वायरल जोक्स: मालिक ने मिस्त्री से पूछा काम में इतनी देरी क्यों, जवाब सुनकर छूट जाएगी हंसी
Viral Jokes: मिस्त्री और मालिक के बीच काम, खर्च और समय को लेकर अक्सर मजेदार बातचीत हो जाती है। मालिक चाहता है कि काम जल्दी पूरा हो, जबकि मिस्त्री हर देरी और परेशानी का अपना तर्क देता है। दोनों की इसी नोकझोंक पर आधारित ये जोक्स रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं और आपको हंसने का मौका देंगे।
मालिक - मिस्त्री जी, आपने सीमेंट इतना ज्यादा क्यों लगा दिया?
मिस्त्री - मालिक जी, मजबूती के लिए।
मालिक - लेकिन खर्चा भी तो बढ़ गया!
मिस्त्री - आप चिंता मत कीजिए, अब दीवार कई साल तक आपका बजट नहीं बिगाड़ेगी।
मालिक - मिस्त्री जी, कल आपने कहा था कि आज काम पूरा हो जाएगा। अब कह रहे हैं दो दिन और लगेंगे!
मिस्त्री - मालिक जी, काम तो पूरा हो जाता, लेकिन आपने बीच में आकर दो बार डिजाइन बदलवा दिया।
मालिक - तो क्या हुआ?
मिस्त्री - अब दीवार भी सोच रही है कि आखिर उसे बनना किस डिजाइन में है!
मालिक - मिस्त्री जी, ये टाइल्स टेढ़ी क्यों लगाई हैं?
मिस्त्री - मालिक जी, टेढ़ी नहीं हैं, डिजाइन थोड़ा अलग है।
मालिक - लेकिन मुझे तो सीधी चाहिए थीं!
मिस्त्री - फिर तो अगली बार चश्मा लगाकर डिजाइन चुनिएगा, इस बार गलती मेरी ही मान लीजिए।
मालिक - मिस्त्री जी, काम खत्म होने में कितने दिन लगेंगे?
मिस्त्री - बस दो दिन।
मालिक - यही बात आप पिछले सोमवार को भी कह रहे थे!
मिस्त्री - मालिक जी, मैं अपनी बात पर आज भी कायम हूं, बस सोमवार बदलते जा रहे हैं।
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)