फनी जोक्स: सुखमय जीवन जीने और सेहतमंद रहने के लिए हंसना बहुत जरूरी है। हालांकि, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम इतना व्यस्त हो गए हैं कि हंसना तक भूल गए हैं। इसकी वजह से बेहद कम उम्र में तनाव का शिकार हो रहे हैं। तनाव से बचने के लिए हर दिन नियमित रूप से हंसना चाहिए। इसीलिए हम आपको हंसाने के लिए लेकर आए हैं कुछ ऐसे मजेदार जोक्स, जिन्हें पढ़ने के बाद आप हंस हंसकर लोटपोट हो जाएंगे। तो आइए शुरू करते हैं हंसने और हंसाने का सिलसिला...
फनी जोक्स: टीचर- तुम देर से क्यों आए? शिक्षक ने जवाब सुनते ही कर दी पप्पू की धुनाई
काम में व्यस्त होने की वजह से लोगों के पास हंसने-हंसाने का भी समय नहीं हैं। लेकिन हंसना सेहत के लिए बेहद ही लाभदायक है। हंसने से मन प्रसन्न रहता है और तनाव से बचने में मदद मिलती है।
टीचर- तुम देर से क्यों आए?
पप्पू- सड़क पर लगे बोर्ड के कारण
टीचर- कैसे बोर्ड के कारण?
पप्पू- जिस पर लिखा है, 'आगे स्कूल है, धीरे चलें'...!
टीचर ने फिर की धुनाई
मेंढक पप्पू से- तुम्हारे पास दिमाग नाम की कोई चीज है क्या?
पप्पू- है।
मेंढक- नहीं है।
पप्पू- अरे भाई, बोला ना है।
मेंढक- नहीं है, नहीं है, नहीं है … और यह बोलते हुए मेंढक कुए मे छलांग लगा देता है।
पप्पू- हे भगवान्, इसमें आत्महत्या करने वाली तो कोई बात नहीं थी।
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मास्टर जी- 'संगठन में ही शक्ति है' का एक अच्छा सा उदाहरण दो।
छात्र- जेब में एक बीड़ी हो तो टूट जाती है और पूरा बंडल हो तो नहीं टूटता
अब मास्टर जी के समझ नहीं आ रहा डांटू या तारीफ करूं?
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जब चिंटू ने पिंटू से पूछा कि भाई उदास क्यों बैठे हो
पिंटू- क्या हुआ भाई क्यों उदास बैठे हो?
चिंटू- कल एक न्यूज चैनल के एंकर ने कहा था
आइए हम आपको गोवा लेकर चलते हैं।
तभी से तैयार बैठा हूं, कोई आया ही नहीं।
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं )