चुटकुले: वर्तमान समय की भागमभाग वाली जिंदगी में लोगों को अक्सर बढ़ते काम के दबाव की वजह से तनाव रहता है। ऐसे माहौल में बहुत जरूरी है कि आप अपनी व्यस्त समय के बीच खुद के लिए जरूर कुछ समय निकालें। तनाव से दूर रहने के लिए आप हंस सकते हैं। हंसी आपको मानसिक तनाव से बचाने में मदद करती है और आपको स्वस्थ रखती है। लोग कॉमेडी शोज और चुटकुलों की मदद से हंसते हैं। अगर आपको भी हंसना पसंद है, तो हम आपके लिए कुछ वायरल जोक्स लेकर आए हैं। आप इन जोक्स को पढ़कर अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे और खूब हंसेंगे।
चुटकुले: इन वायरल जोक्स को पढ़कर हंस हंसकर हो जाएंगे लोटपोट, पढ़िए मजेदार चुटकुले
जिस तरह अच्छी हवा, अच्छा खानपान किसी भी इंसान के सेहतमंद रहने के लिए जरूरी होता है, उसी प्रकार आपकी हंसी भी आपको स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाती है। अगर आप सुबह-शाम हंसने की आदत डाल लें तो कोई भी बीमारी, चाहे मानसिक हो या शारीरिक आपके पास भी नहीं आएगी।
पप्पू शराब पीकर गाड़ी चला रहा था,
अचानक गाड़ी एक खम्बे से टकरा गयी
पुलिस-बाहर निकल साले
पप्पू-माफ़ कर दो दरोगा जी
पुलिस-साले दारू पी के गाड़ी चलाता है, मुंह खोल
पप्पू-अरे नहीं साब, पहले से खूब पी रखी है और कितना पिलाओगे...
कंडक्टर- मैडम इन बच्चों का टिकट लगेगा, उम्र बताओ?
महिला- पहले वाले की दो साल, दूसरे वाले की ढाई साल और तीसरे की तीन साल।
कंडक्टर- मैडम टिकट चाहे मत लो, पर झूठ तो मत बोलो।
महिला- नालायक,
बीच वाला जेठानी का है, तू टिकट काट, ज्ञान मत बांट।
हिंदी जोक्स: बेटा- पापा आप इंजीनियर कैसे बने? फिर जो हुआ जानकर छूट जाएगी आपकी हंसी
कसाई बकरे को लेकर काटने जा रहा था,
बकरा मैं-मैं चिल्ला रहा था...
तभी एक बच्चे ने पूछा- आपका बकरा क्यों चिल्ला रहा है ?
कसाई- मैं इसे काटने ले जा रहा हूं, इसलिए।
बच्चा- मैने सोचा स्कूल ले जा रहे होंगे...!!!
फनी जोक्स: साली- जीजाजी मेरी शादी में आप क्या गिफ्ट दोगे? जीजा का जवाब सुनकर हो गई बेहोश
मास्टर- पढाई शुरू कर दो, पेपर आने वाले हैं
पप्पू- मैं तो खूब पढाई करता हूं, कुछ भी पूछ लो
मास्टर- बता ताजमहल किसने बनाया
पप्पू- मिस्त्री ने
मास्टर-अबे गधे मतलब किसने बनवाया
पप्पू- ठेकेदार ने बनवाया होगा...
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं )