साल 2021 जाने में अब ज्यादा फासला बचा नहीं है। पूरे साल अपने दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए चैनलों ने तरह तरह के ड्रामे पेश किए। कुछ ने कहानियों की नई दुनिया दिखाने की कोशिश की तो कुछ ने छोटे परदे को बुद्धू बक्सा ही बनाए रखने में अपनी कमाई समझी। ओटीटी का हंगामा होता रहा और टेलीविजन की टीआरपी के दांव पेंच भी चलते रहे। मुंबई में शूटिंग रुकी तो लोग पड़ोस के गुजरात, दीव या फिर उत्तर में यूपी और हरियाणा तक निकल गए। लेकिन, शो मस्ट गो ऑन की भावना रखने वाली मुंबई की मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री ने थकने का नाम नहीं लिया। जी टीवी ने भी पूरे साल लगातार कोशिशें कीं अपने ग्राहकों का मनोरंजन करने की। चलिए देखते हैं इस चैनल का स्कोर कार्ड और जानते हैं गुजरते महीनों के धारावाहिकों के बारे में, साथ ही ये भी जानिए कि आने वाले साल में जी टीवी के पास कौन से तुरुप के पत्ते हैं।
Year Ender 2021: भाग्य की इन तीन रेखाओं के सहारे चमक उठी किस्मत, काशीराव के करिश्मे पर टिकी आगे की कहानी
तेरी मेरी इक्क जिंदड़ी
जी टीवी पहला चैनल रहा जिसने कोरोना की पहली लहर के बाद अपने कार्यक्रमों को लेकर आउटडोर कार्यक्रम आयोजित करने शुरु किए। कड़ाके की ठंड में चैनल ने अमृतसर में अपना जलवा दिखाया और शुरू किया धारावाहिक, तेरी मेरी इक्क जिंदड़ी। कहानी नें जोगी (अध्विक महाजन) एक ऐसा इंसान थ जो दुनिया की भागदौड़ का हिस्सा बनने से इंकार कर देता है, वहीं माही (अमनदीप सिद्धू) घर के कामकाज में पूरी तरह निपुण होने के साथ-साथ अमृतसर की पहली ऐसी लड़की थी, जो महिला यात्रियों के लिए टैक्सी चलाती थी। शो ने यह विश्वास मजबूत किया कि प्यार हमेशा परफेक्शन नहीं देखता और जिंदगी में दो अलग-अलग तरह का नजरिया रखने वाले लोगों को भी एक दूसरे से प्यार हो सकता है।
भाग्य लक्ष्मी
डेली सोप में एक और कहानी जी टीवी लेकर आया जो मुंबई की पृष्ठभूमि पर आधारित है। ये कहानी यह बताती है कि निस्वार्थ भाव और अच्छे कर्मों का सबसे बड़ा फल होता है अच्छा भाग्य। यह नया प्राइमटाइम ड्रामा लक्ष्मी की कहानी दिखाता है, जो सीमित साधनों में जीने वाली एक निस्वार्थ लड़की है और अपनी गरीबी और जिंदगी की मुश्किलों के बावजूद हमेशा अपनी जरूरतों से पहले दूसरों की जरूरतों का ख्याल रखती है। ऐश्वर्या खरे इस धारावाहिक में लक्ष्मी का रोल निभा रही हैं और रोहित सुचंती ऋषि ओबेरॉय की भूमिका में हैं।
रिश्तों का मांझा
रिश्तों का मांझा दीया और अर्जुन की एक प्रेम कहानी है, जो एक ही खेल के खिलाड़ी हैं लेकिन जिंदगी, उम्मीद और सकारात्मक रुख अपनाने के मामले में दोनों एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। इस शो की लीड नायिका दीया की जिंदगी का फलसफा है - ‘कुछ तो तोड़ निकाल ही लेंगे।‘ दूसरी ओर, अर्जुन एक पूर्व बैडमिंटन चैंपियन हैं, जो अपने करियर के एक स्कैंडल के बाद जिंदगी से हार मान बैठता है। ऐसे में दीया अर्जुन में दोबारा विश्वास और आशा की किरण जगाती है, क्योंकि दीया मानती है कि ‘यदि सबकुछ ठीक नहीं है, तो यह अंत नहीं है।‘
मीत
प्री-प्राइमटाइम ड्रामा ‘मीत‘ दर्शकों को हरियाणा की एक उत्साही लड़की मीत के सफर पर ले जाता है, जो इस धारणा के विरुद्ध है कि केवल एक लड़का ही घर का चिराग होता है। वह ना सिर्फ अपने परिवार की इकलौती कमाने वाली है, बल्कि लड़के-लड़कियों को लेकर बनाए गए समाज के नियमों को भी तोड़ती है। वो हर स्थिति में एक ‘फिक्सर‘ बन जाती है, जिसे आम तौर लड़कों का काम माना जाता है। आशी सिंह इस कहानी में मीत हुड्डा का रोल निभा रही हैं और मेल लीड किरदार में शगुन पांडे हैं।