फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Bigg Boss 14 Wild Card: 'अमर उजाला' से बोलीं 'चंद्रमुखी चौटाला', मैंने खुद ही बहुत सारे नियम बनाएं और खुद ही तोड़े भी हैं

Sun, 25 Oct 2020 09:39 PM IST
shrilata biswas अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: shrilata biswas Updated Sun, 25 Oct 2020 09:39 PM IST
विज्ञापन
Bigg Boss 14 Wild Card kavita kaushik interview with amar ujala
कंगना रणौत - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

टीवी के लोकप्रिय धारावाहिक 'एफआईआर' में इंस्पेक्टर चंद्रमुखी चौटाला का किरदार निभाने वालीं अभिनेत्री कविता कौशिक ने रियलिटी शो 'बिग बॉस' के 14वें सीजन में वाइल्ड कार्ड एंट्री मारी है। चंद्रमुखी चौटाला के सामने अच्छे-अच्छे गुंडे मवाली खौफजदा हो जाते थे लेकिन यहां उनका सामना बनावटी नहीं, बल्कि असली खिलाड़ियों से होगा। इसके लिए कविता अपने व्यक्तित्व पर बहुत भरोसा करती हैं। उन्हें लगता है कि वही एक ऐसी चीज है जो यहां उनके काम आएगी। शो में दाखिल होने से पहले अमर उजाला ने कविता से उनकी रणनीति समझी।

Bigg Boss 14 Wild Card kavita kaushik interview with amar ujala
कविता कौशिक - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

सोशल मीडिया पर देखा जाता है कि आप बहुत योग साधना करती हैं। तो, क्या बिग बॉस के घर में लोगों के झगड़ों को प्रतिक्रिया देना आपके लिए आसान रहेगा?
झगड़ा करना तो कोई नहीं चाहता। खासकर मेरे जैसी इंसान जो अब बहुत योग वगैरह करने लगी है। पहले मैं बहुत गुस्से वाली हुआ करती थी। गुस्सा हमेशा मेरी नाक पर ही रखा रहता था। मैं बहुत जल्दी प्रतिक्रिया देती थी और धैर्य मुझमें बिल्कुल नहीं था। इस समय मैंने अपनी इन सभी चीजों को योग साधना की मदद से अपने वश में करने की कोशिश की है। हालांकि, अभी तक मैं पूरी तरह योगी नहीं बनी हूं। धैर्य मेरे अंदर आया है लेकिन इतना भी नहीं कि किसी भी चीज पर मैं अब प्रतिक्रिया न दे सकूं।

Bigg Boss 14 Wild Card kavita kaushik interview with amar ujala
कविता कौशिक - फोटो : instagram/ikavitakaushik

धारावाहिक 'एफआईआर' में आपकी जो हरियाणवी बोली है, उसका फायदा यहां मिलने के आसार हैं?
मुझे लगता है कि मेरी उस हरियाणवी बोली से लोग डरते कम हैं और प्यार ज्यादा करते हैं। हम सिर्फ शो में ऐसा लिखा देते थे कि मुझसे लोग डरते हैं। जबकि, ऐसा है नहीं। लॉकडाउन से पहले मैं एक शादी में गई थी। तो, जो वहां दूल्हा था, उसके पिताजी मुझसे कहते हैं कि कविता जी, मेरे दोस्त को सबक सिखाने के लिए आप एक चांटा मार दो। मैं सोच रही थी कि एक उम्रदराज आदमी को मैं थप्पड़ कैसे लगा सकती हूं। तो, मुझे कहीं न कहीं ऐसा लगा कि लोगों को मेरे उस रौबीले अंदाज में भी प्यार नजर आता है। मैं आशा करती हूं कि जितनी मस्ती मैं अपने किरदार चंद्रमुखी चौटाला में करती थी, वही मस्तियां मेरे काम यहां पर भी आएं। वह किरदार हकीकत में मुझसे काफी मेल खाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Bigg Boss 14 Wild Card kavita kaushik interview with amar ujala
कविता कौशिक - फोटो : instagram/ikavitakaushik

बिग बॉस के घर में आप अपने आप को किस तरह पेश करेंगी? और आपकी क्या चीज आपके काम आने वाली है?
मैंने अपना काफी समय दूसरे किरदारों को निभाने में और दूसरों के जैसा बनने में गुजारा है। लेकिन, यहां मैं अपना देसीपन पूरी तरह से दिखा सकती हूं। हर इंसान के अंदर अपनी कुछ अलग खूबियां होती हैं। वह कहते हैं न कि 'कौवा चला हंस की चाल और अपनी चाल भी भूल गया'। दूसरे के जैसा बनने के चक्कर में हम अपनी खुद की खासियत भूल जाते हैं। इंसान को वैसा ही रहना चाहिए जैसा वह है। हर इंसान को अपनी गलतियों से सीखना चाहिए और खुद को बेहतर बनाना चाहिए। न कि किसी दूसरे जैसा बनने की कोशिश करनी चाहिए। हो सकता है कि दर्शकों को मेरा देसीपन और मेरा काम शो में पसंद आए।

विज्ञापन
Bigg Boss 14 Wild Card kavita kaushik interview with amar ujala
कविता कौशिक - फोटो : instagram/ikavitakaushik

शो के अंदर खेल रहे प्रतियोगियों को देखकर क्या अब तक आपने कोई तैयारी भी की है?
जब हम किसी चीज की ज्यादा तैयारी कर लेते हैं तो अक्सर उस चीज में गड़बड़ होती ही है। एक समय था जब हम 'एफआईआर' में काम कर रहे थे तब अगर हम किसी दृश्य की ज्यादा रिहर्सल करते थे तो कॉमेडी निकलकर नहीं आती थी। हमारे निर्देशक ने हमें यह छूट दे रखी थी कि हम अपने दृश्य पर उतना ही काम करें जितने की जरूरत हो। और वह चाहते थे कि हम उन्हें आश्चर्यचकित कर दें अपने काम से। कला एक ऐसी चीज है जो स्वतः बाहर निकलती है। उसे जबरदस्ती नहीं निकाला जा सकता। 'बिग बॉस' के शो का जो फॉर्मेट है उसके हिसाब से यहां अभिनय करने की कोई जरूरत नहीं है। अगर मैं बाहर बैठकर शो के अंदर खेल रहे सभी लोगों का अगर विश्लेषण कर लूंगी तो मेरा दिमाग तो यहीं से सेट हो जाएगा। फिर मैं अपने खेल को उनके हिसाब से खेलूंगी, न कि अपने हिसाब से। मेरे दिमाग में यह चीज भी बैठ जाएगी कि यह आदमी बहुत झगड़ालू है और यह आदमी बहुत प्यारा है। कभी-कभी ऐसा होता है कि जो आदमी दूसरों के साथ बुरा कर रहा है, वह मेरे साथ अच्छा निकल आता है। ज्यादा सोचने से चीजें खराब हो सकती हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे Bollywood News, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed