जैसा कि कुछ दिनों पहले से ही आसार बनने शुरू हो गए थे, कान फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में खूब बादल छाए रहे, और वह भी हुआ जिसकी आशंका जताई जा रही थी। हॉलीवुड ही नहीं दुनिया भर में किसी निर्देशक की अपने पैसे से बनाई सबसे महंगी फिल्म का खिताब पा चुकी फिल्म ‘मेगालोपोलिस’ के कान में प्रदर्शन से पहले ही इसके निर्देशक फ्रांसिस फोर्ड कोप्पोला पर आरोप लगे हैं कि फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने सेट पर मौजूद महिला कर्मचारियों का जबरन चुंबन लिया।
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मेगालोपोलिस की शूटिंग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म ‘मेगालोपोलिस’ पहली बार साल 1979 में चर्चा में आई। फिल्म पर काम शुरू हुआ साल 1983 में और तब से 40 साल से ज्यादा बीतने को हैं। फिल्म पर अब तक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम खुद इसके निर्देशक लगा चुके हैं। बताते हैं कि ये रकम जुटाने के लिए फ्रांसिस फोर्ड कोप्पोला ने अपना सारे के सारे अंगूरों के बागान बेच दिए हैं। इन अंगूरों में बेहतरीन वाइन बनाने का काम बरसों से चलता रहा है।
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फ्रांसिस फोर्ड कोपोला
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मु्ंबई
फ्रांसिस फोर्ड कोप्पोला की बरसों बाद बनकर तैयार हुई फिल्म का प्रदर्शन कान फिल्म फेस्टिवल के कंपटीशन सेक्शन में होना है। मार्च महीने में पहली बार ये फिल्म लॉस एंजिलिस में फिल्म वितरकों को दिखाई गई थी। फिल्म की कान में स्क्रीनिंग से पहले हालांकि यूरोप व अन्य कुछ देशों में इसे वितरक मिल चुके हैं। लेकिन, मंगलवार रात कोप्पोला पर लगे बदसलूकी के आरोपों के बाद फिल्म पर नया संकट आ गया है।
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एडम ड्राइवर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
कालजयी फिल्मों में शुमार ‘गॉडफादर’ सीरीज और उसके बाद ‘एपोकैलिप्लस नाऊ’ बनाने वाले निर्देशक फ्रांसिस फोर्ड कोप्पोला की फिल्म ‘मेगालोपोलिस’ साल 1979 से निर्माण में रही है। तब उन्हें एक ऐसी कहानी का विचार आया जिसमें अमेरिका के शहर न्यूयॉर्क को लेकर भविष्य के समय की कुछ अनोखी कल्पनाएं शामिल रही। कोप्पोला ने इसकी चर्चा अपने कुछ करीबियों से की भी लेकिन बात बनी हीं। चार साल बाद कोपोला ने अपनी जेब से कुछ पैसा लगाकर इस पर काम शुरू कर दिया लेकिन फिल्म कछुए की रफ्तार से चलती रही और इसकी शूटिंग अभी बीते साल मार्च में जाकर शुरू हो पाई।
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नैटली एमैनुएल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अब इस फिल्म की रिलीज की बारी है। जैसा कि अब सब जानते हैं कि इस फिल्म को इस साल के कान फिल्म फेस्टिवल में चुना जा चुका है। फ्रांसिस फोर्ड कोप्पोला ने ये फिल्म अपनी जमा पूंजी में से करीब 120 मिलियन डॉलर यानी करीब एक हजार करोड़ रुपये खर्च करके बनाई है। फिल्म को मार्च के महीने में लॉस एंजिलिस के यूनिवर्सल सिटीवॉक आईमैक्स थियेटर में पहली बार उन इच्छुक खरीदारों को दिखाया गया, जो इस फिल्म को लेकर लगातार कोप्पोला के संपर्क में रहे। खास बात ये रही कि इस स्क्रीनिंग में आने के लिए भी ये खरीदार तभी तैयार हुए जब इसका कान फिल्म फेस्टिवल के कंपटीशन सेक्शन में चयन हो गया।