बॉलीवुड की सबसे उम्रदराज एक्ट्रेस रही जोहरा सहगल की आज जन्मतिथि है। जोहरा सहगल का जन्म 27 अप्रैल, 1912 में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर शहर के रोहिल्ला पठान परिवार में हुआ था। जोहरा सहगल का असली नाम साहिबजादी जोहरा बेगम मुमताज-उल्लाह खान था। जोहरा एक बेहतरीन एक्ट्रेस ही नहीं, अच्छी डांस कोरियोग्राफर भी थीं। साल 2014 में 102 साल की उम्र में उनका निधन हुआ था।
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zohra sehgal
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उनके पिता मुमताज उल्ला खान और नातिका उल्ला खान उतर प्रदेश के रामपुर निवासी थे। आखिरी बार जोहरा सहगल साल 2007 में संजय लीला भंसाली की फिल्म 'सांवरिया' में नजर आई थीं। साल 2010 में भारत सरकार ने जोहरा सहगल को पद्म विभूषण से सम्मानित किया। अभिनेत्री जोहरा सहगल ने 'बाजी', 'सीआईडी', 'आवारा' और 'नौ दो ग्यारह' जैसी सुपरहिट फिल्मों के लिए कोरियोग्राफी की थी।
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जोहरा सहगल
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वह अकेली ऐसी शख्स रहीं, जिन्होंने पृथ्वीराज कपूर, पिछली सदी के महानायक अमिताभ बच्चन से लेकर नए जमाने के अभिनेता रणबीर कपूर तक के साथ अभिनय कर छाप छोड़ी। फिल्मों में जोहरा सहगल को पहला मौका 1982 में जेम्स आइवरी की फिल्म में मिला। उन्होंने बॉलीवुड के अलावा कई ब्रिटिश फिल्मों और टीवी शोज में काम किया। पाकिस्तान में एन इवनिंग विद जोहरा शो सुपरहिट रहा।
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जोहरा सहगल
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कहा जाता है कि जोहरा सहगल जब एक साल की थीं तो ग्लूकोमा की वजह से उनकी आंखों को रोशनी लगभग चली गई थी। इलाज के बाद वह ठीक हो गई थीं। जोहरा ने 1935 में उदय कुमार के साथ बतौर डांसर करियर की शुरुआत की थी। जोहरा सहगल की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उन्होंने खुद से आठ साल छोटे कमेश्वर सहगल से शादी की थी। दोनों की मुलाकात उदय शंकर की डांस अकादमी में हुई थी। साल 2012 में उनकी बेटी किरन ने ‘जोहरा सेहगल : फैटी’ नाम से जीवनी लिखी थीं।
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जोहरा सहगल
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जोहरा सहगल को 1998 में पद्मश्री, 2001 में कालीदास सम्मान, 2004 में संगीत नाटक अकादमी सम्मान भी मिले। संगीत नाटक अकादमी ने उन्हें लाइफ टाइव अचीवमेंट अवॉर्ड के तौर पर अपनी फेलोशिप भी दी। देश का सबसे बड़ा दूसरा नागरिक सम्मान पद्म विभूषण उन्हें 2010 में मिला। 10 जुलाई 2014 को उन्हें अस्पताल में ही उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वह 102 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गईं। कहते हैं कि उन्होंने अपनी अंतिम इच्छा भी काफी मजे से बताई थी। वह कहती थीं कि मरने के बाद मुझे जलाया जाए और मेरी राख को बाद में फ्लश कर दिया जाए।