Year Ender 2019: बॉलीवुड के कुछ सितारे जहां बेबाक तरीके से बयान देते हैं तो वहीं कुछ चुप्पी साधे रखते हैं। हालांकि बेबाक बयानी की वजह से सितारों को ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ता है। साल 2019 में ऐसे कई सितारे रहे जो अपने बयानों की वजह से चर्चा में रहे और विवादों में घिरे।
Year Ender 2019: इन पांच सितारों ने दिए विवादित बयान, कभी पुलवामा तो कभी अयोध्या पर बुरे फंसे
विशाल ददलानी
संगीतकार विशाल ददलानी ने अयोध्या मामले पर फैसला सुनाने वाले पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर आपत्तिजनक बयान दिया था। विशाल ने पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर एक ट्वीट लिखा था। अपने उस ट्वीट के साथ ही ददलानी ने एक आर्टिकल भी शेयर किया था। बता दें कि जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हुए थे और उस ही दिन विशाल ददलानी ने ये ट्वीट किया था।
नवजोत सिंह सिद्धू
नवजोत सिंह सिद्धू सोशल मीडिया पर अपने बयानों के चलते सुर्खियों में बने रहते हैं। भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की रिहाई पर उन्होंने खुशी जताई थी। साथ ही इस फैसले के लिए उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का शुक्रिया अदा किया था। सिद्धू ने ट्वीट किया था, 'इमरान खान, हर अच्छा काम अपने आप रास्ता बना लेता है। आपका यह नेक काम एक अरब लोगों को खुशी देगा। पूरा देश खुश है। मुझे अभिनंदन के माता-पिता और करीबियों के लिए बेहद खुशी है।' इमरान खान की तारीफ करने पर कईयों को ये बात रास नहीं आई थी।
सोनम कपूर
सोनम कपूर ने अपने सोशल मीडिया पर 'ह्यूमन्स ऑफ हिन्दुत्व' नाम के फेसबुक पेज की स्टोरी शेयर की थी, जिसके बाद उन्हें ट्रोल किया जाने लगा। इस पोस्ट के बाद कुछ लोगों ने उन्हें हिन्दू और राष्ट्र विरोधी बताया था। वहीं कुछ लोगों ने उनकी फिल्में न देखने की बात कही थी। उनकी इस पोस्ट में लिखा था, 'हिंदू और इस्लामिक कट्टरपंथ दोनों का भार सामान्य है। उनके दिमाग में नफरत का जहर भरा हुआ है और उन दोनों में दूसरी तरफ सहानुभूति की कमी है। वे दोनों युद्ध चाहते हैं और इसके परिणामों की परवाह नहीं करते।'
मल्लिका दुआ
स्टैंडअप कॉमेडियन मल्लिका दुआ भी जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए 40 सीआरपीएफ के जवानों को लेकर बेहद बेहूदा बयान देकर ट्रोल हुई थीं। मल्लिका ने कहा था, 'लोग कह रहे हैं कि हमारे लोग शहीद हो गए हैं, आप अपनी लाइफ को कैसे सामान्य तरीके से जी रही हैं। इस बारे में लोग प्रदर्शन करते दिख रहे हैं। मैं पूछना चाहती हूं कि हर रोज लोग भुखमरी, बेराजगारी, डिप्रेशन जैसी कई और वजहों से मरते हैं। ऐसा सिर्फ हमारे देश में नहीं होता, पूरी दुनिया में लोग मरते हैं, तब क्या आप अपनी जिंदगी रोक देते हैं, क्या हमारा काम सिर्फ शोक मनाना ही है।'