यश राज फिल्म्स की खोज कही जाने वाली अभिनेत्री शर्वरी वाघ इन दिनों कुछ खास करने की तैयारी में हैं। अपनी पिछली फिल्म ‘बंटी और बबली’ के वेस्टर्न लुक में इतराने के बाद अब वह देसी अंदाज में दर्शकों को लुभाने की तैयारी कर रही हैं। शर्वरी अपने अगले प्रोजेक्ट को लेकर फिलहाल काफी गोपनीयता बरत रही हैं। शर्वरी वाघ हिंदी फिल्म जगत में कदम रखने वाले सबसे होनहार कलाकारों में से हैं। दर्शकों के बीच उनकी अलग छवि, अलग तेवर और अलग चमक को लेकर काफी चर्चाएं होती रही हैं। यश राज फिल्म्स के प्रबंध निदेशक आदित्य चोपड़ा ने उन्हें लाखों की भीड़ मे तलाशा और तराशा है। नृत्य उनका पहला प्यार है और वह अपनी फिटनेस के लिए भी नृत्य पर ही जोर देती हैं।
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शर्वरी वाघ
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
शर्वरी कहती हैं, “मुझे वर्कआउट के रूप में डांस करना अच्छा लगता है और ऐसा करके मुझे सबसे ज़्यादा खुशी मिलती है। डिजिटल मीडिया पर में देश के तमाम प्रतिभाशाली नर्तकों को काम देखती रहती हूं और सोशल मीडिया के सहारे इनके संपर्क में ङी रहती हैं। मेरी कशिश है कि मैं नृत्य के अलग अलग प्रारूपों के अपना सकूं और इन्हें सीख भी सकूं। मेरी कोशिश ये भी है कि मैं सोशल मीडिया पर प्रशंसा पा रहे नर्तकों के साथ जल्द ही एक एक कार्यशाला आयोजित कर सकूं।”
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शर्वरी वाघ
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
हिंदी सिनेमा की नायिकाओं को उनके लोकप्रिय गानों को लेकर याद रखने की परंपरा रही है। हर हीरोइन को ऐसे गानों की तलाश रही है जिनमें उनके नाच ने उन्हें लोकप्रिय बनाया और जिनके बोलों ने उनकी छवि बनाने में अहम भूमिका निभाई। शर्वरी चाहती हैं कि जल्द ही उन्हें भी ‘होठों में ऐसी बात मैं दबाके चली आई’, ‘चलते चलते यूं ही कोई’, ‘सलाम ए इश्क मेरी जां’, ‘जब तक है जां जाने जहां’, ‘धक धक करने लगा’ और ‘टिप टिप बरसा पानी’ जैसे गानों पर परफॉर्म करने को मौका मिले।
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शर्वरी वाघ
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
वह कहती हैं, “फिलहाल, मैं लगभग हर दूसरे दिन कथक और फ्रीस्टाइल हिप-हॉप सीख रही हूं। मैंने अपने घर के एक छोटे से कमरे को एक डांस स्टूडियो में बदल दिया है। अब मैं अपने खुद के आइकॉनिक डांस नंबर्स का बेसब्री से इंतज़ार कर रही हूं। यही मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा लक्ष्य है।"
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शर्वरी वाघ
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
नाच गाने के अलावा शर्वरी को संगीत में भी खासी रुचि रही है और उन्होंने कई साल तक संगीत सीखा भी है। पियानो बजाना उनका शौक रहा है। क्या शर्वरी अपने म्यूजिकल पक्ष को फिल्मों में उजागर करेंगी? यह पूछने पर वह कहती हैं, “फिल्मों में परफॉर्म करना मुझे बहुत भाता है और की बोर्ड बजाने में तो जैसे मेरी जान ही बसती है। अगर कभी ऐसा हुआ तो यह मेरा एक मुकम्मल ड्रीम प्रोजेक्ट होगा! मेरा मतलब है कि जब मैंने ‘अंधाधुन’ फिल्म पहली बार देखी तो वाकई मेरे दिल में आया कि इस प्रोजेक्ट में मुझको शामिल होना चाहिए था। इस तरह की किसी चीज के अपनी झोली में गिरने का मैं बेसब्री से इंतजार कर रही हूं।”