मुगलों को असली राष्ट्र निर्माता बताकर फिल्म निर्देशक कबीर खान फिर से चर्चाओं में हैं। उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में कहा है कि मुगल हत्यारे नहीं, बल्कि असली राष्ट्र निर्माता थे। इसके बाद से सोशल मीडिया पर कबीर खान को ट्रोल किया जा रहा है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब कबीर खान अपने बयानों के कारण चर्चाओं में आए हैं। इससे पहले वो असहिष्णुता को लेकर भी बयान दे चुके हैं। कुछ साल पहले जब भारत में असहिष्णुता को लेकर विवाद हुआ था, उस वक्त कबीर खान का कहना था कि मुस्लिम अभिनेताओं के खिलाफ हमले भारत में असहिष्णुता बढ़ने के संकेत हैं।
पहले भी कर चुके हैं मुगलों के शासन का समर्थन
कबीर खान खुलकर सीएए का भी विरोध कर चुके हैं। इससे पहले भी वह इस बात को कह चुके हैं कि मुगलों की लड़ाई धर्म की लड़ाई कभी नहीं थी। जिसने इतिहास पढ़ा है, वह जानता है कि मुगलों ने भारत को किसी राजपूत राजा से नहीं, बल्कि लोधी से लिया। लोदी ने इसे तुगलकों से लिया और तुगलकों ने इसे खिलजी से लिया।
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कबीर खान
- फोटो : सोशल मीडिया
उन्होंने कहा था कि दुर्भाग्य से इतिहास को विकृत किया जा रहा है और मध्यकालीन इतिहास में जितने भी युद्ध हुए हैं, उन्हें धर्म के चश्मे से देखा जा रहा है। यह युद्ध धर्म के बारे में कभी नहीं थे, विशुद्ध रूप से क्षेत्र के लिए थे। दुर्भाग्य से अब हर चीज को धर्म के चश्मे से देखा जा रहा है और इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है।
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कबीर खान
- फोटो : सोशल मीडिया
'एक था टाइगर' और 'बजरंगी भाईजान' जैसी सुपरहिट फिल्मों के निर्देशक कबीर खान ने 2016 में कहा था कि वो अब कभी पाकिस्तान नहीं जाएंगे। उनसे पूछा गया था कि अगर उनको बॉर्डर पार जाने का मौका मिलेगा तो क्या वो जाएंगे? इस पर उनका कहना था कि यह संभव नहीं है। मेरी पत्नी ने साफ कहा है कि अब कभी पाकिस्तान नहीं जाना है।
क्या है ताजा मामला?
अपने एक इंटरव्यू में कबीर खान ने कहा है कि मुगल असली राष्ट्र निर्माता थे। उन्होंने कहा, 'यदि आप फिल्मों में मुगलों को गलत दिखना भी चाहते हैं तो इसके लिए पहले रिसर्च कीजिए। मुझे लगता है कि वो असली राष्ट्र-निर्माता थे। उन्हें हत्यारा और धर्म परिवर्तन करवाने वाला बताने से पहले ऐतिहासिक सबूत दिखाइए। उन्होंने फिल्मों में मुगलों के चित्रण को लेकर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि मुगलों और दूसरे अनेक मुस्लिम शासकों को गलत तरीके से दिखाना दुखद है।