बॉलीवुड के ऐसे कई सितारे रहे जो आध्यात्मिक गुरु ओशो की शरण में गए। इनमें परवीन बाबी, महेश भट्ट और विनोद खन्ना का नाम प्रमुख है। छह अक्तूबर को विनोद खन्ना का जन्मदिवस है। ऐसे में बताते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ा ये खास किस्सा। 1975 में विनोद खन्ना, ओशो के संपर्क में आए। इस दौरान उन्होंने अपनी पत्नी और दो बच्चों को मुंबई में ही छोड़ दिया। विनोद खन्ना के बड़े बेटे अक्षय खन्ना उस वक्त काफी छोटे थे। उनके लिए यह समझना मुश्किल था कि उनके पिता ने उन्हें क्यों छोड़ा। जब अक्षय खन्ना 15-16 साल के हुए तब उन्हें एहसास हुआ कि ओशो कौन हैं।
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विनोद खन्ना
- फोटो : instagram/akshayekhanna.ak
एक इंटरव्यू में अक्षय खन्ना ने अपने पिता विनोद खन्ना और उनकी जिंदगी पर ओशो के प्रभाव के बारे में विस्तार से बात की। अक्षय खन्ना ने कहा था कि ‘यह प्रभाव इस कदर था कि उन्होंने ना केवल अपने परिवार को छोड़ दिया बल्कि संन्यास ले लिया। यह जिंदगी को बदलने वाला फैसला है जिसे उन्होंने महसूस किया। हालांकि पांच साल की उम्र में मेरे लिए यह समझना असंभव था। मैं इसे अब समझ सकता हूं।‘
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अक्षय खन्ना
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अक्षय खन्ना ने आगे बताया था कि ‘कोई चीज उन्हें किस कदर गहराई तक ले गई होगी कि उन्होंने इस तरह का फैसला लेने के बारे में सोचा। खासकर, जब आपके पास जीवन में सब कुछ हो। हालांकि ऐसा भी हो सकता है कि वह कह दें यह मुझे शोभा नहीं देता है वापस चलते हैं।‘
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विनोद खन्ना
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अक्षय ने बताया कि ‘आमधारणा यह है कि विनोद खन्ना असतुंष्ट होकर लौटे। जबकि अमेरिकी सरकार द्वारा कम्यून को भंग करने के बाद उनके पिता वापस आ गए। जिसके बाद हर किसी को अपना रास्ता खोजना था। वो तब वापस आए, वरना मुझे नहीं लगता कि वो कभी वापस आते।‘
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विनोद खन्ना
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भले ही विनोद खन्ना ने ओशो के लिए परिवार को छोड़ने का फैसला लिया था लेकिन ओशो को लेकर अक्षय खन्ना के मन में काफी सम्मान है। अक्षय का कहना है कि ‘मैं नहीं जानता कि मैं संन्यास जैसी कोई चीज कर सकता हूं लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि मैं उनकी बात से असहमत हूं। मैं उनका सम्मान करता हूं।‘ बता दें कि 27 अप्रैल 2017 में विनोद खन्ना का कैंसर से निधन हो गया।