अभिनेत्री विद्या बालन बॉलीवुड की प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में शुमार हैं। वह 'द डर्टी पिक्चर', 'पा', 'भूल भुलैया', 'बेगम जान' जैसी तमाम फिल्मों में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा चुकी हैं। मगर, वह इस बात से निराश हैं कि इंडस्ट्री में महिला केंद्रित फिल्में नहीं बनती हैं और जो फिल्में बनती हैं, उनमें एक्ट्रेस को क्रेडिट नहीं दिया जाता है। हाल ही में विद्या बालन ने 'ओ वुमनिया! 2022' पर बात की और इस दौरान उन्होने कहा कि बॉलीवुड में प्रोड्यूसर्स महिला केंद्रित फिल्में बनाने से डरते हैं।
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विद्या बालन
- फोटो : सोशल मीडिया
बातचीत के दौरान विद्या बालन ने वर्ष 2019 में आई फिल्म 'मिशन मंगल' का उदाहरण दिया। उन्होने कहा कि इस फिल्म की सफलता का श्रेय किस तरह अक्षय कुमार को दिया गया। विद्या ने कहा कि इस फिल्म ने अच्छा बिजनेस किया, लेकिन इसे अक्षय कुमार की फिल्म के रूप में देखा गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि फिल्म में बाकी फीमेल किरदारों को लीडिंग लेडीज के रूप में नहीं देखा गया। फैक्ट यह है कि फिल्म की कहानी सिर्फ अक्षय कुमार द्वारा नहीं बताई गई। यह सिर्फ अक्षय की फिल्म नहीं थी।
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विद्या बालन
- फोटो : सोशल मीडिया
विद्या बालन ने कहा कि 'कोई मुझसे मेरी पिछली हिट फिल्म के बार में बातें कर रहा था। लेकिन, उसने फिल्म 'मिशन मंगल' को मेंशन नहीं किया। उसने कहा, 'वो तो अक्षय कुमार...' मैंने कहा, 'क्या तुमने फिल्म में मुझे और बाकी चार फीमेल एक्टर्स को नहीं देखा?' बता दें कि 'मिशन मंगल' में अक्षय कुमार और विद्या बालन के अलावा सोनाक्षी सिन्हा, तापसी पन्नू, नित्या मेनन और कीर्ति कुल्हारी और शरमन जोशी भी नजर आए।
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विद्या बालन वेस्टर्न लुक
- फोटो : instagram/balanvidya
इसके अलावा, विद्या बालन ने कहा, कोविड-19 महामारी लोगों के लिए यह कहने का एक आसान बहाना बन गई है कि महिला प्रधान फिल्में सिनेमाघरों में काम नहीं करेंगी। लेकिन, हमारी इंडस्ट्री जिस तरह के उतार-चढ़ाव से गुजर रही है, कई फिल्में खराब प्रदर्शन कर रही हैं और वह फिल्में सोकॉल्ड हीरोज की हैं। लोगों को इस बात का अहसास नहीं कि 'गंगूबाई काठियावाड़ी' में कोई मेल लीड रोल में नहीं है। यह आलिया भट्ट की फिल्म है और इसने मेल हीरो वाली तमाम फिल्मों से बेहतर प्रदर्शन किया। मगर, कोई इतना लॉजिक नहीं लगाता, यह बहुत निराशाजनक है।