चर्चित अभिनेत्री कंगना रणौत इस बार मुंबई आने के बाद से एक नए तनाव में हैं। हालांकि सिद्धिविनायक के दर्शन और नए साल की पार्टी की तस्वीरों के जरिए वह खुद को बिल्कुल सामान्य दिखाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन मुंबई की एक स्थानीय अदालत ने उनके घर को लेकर चल रहे मुकदमे की सुनवाई में माना है कि इसमें कानून की अवहेलना की गई है।
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कंगना रणौत
- फोटो : twitter@KanganaTeam
कंगना रनौत के दफ्तर में हुए कथित निर्माण को लेकर एक मामला बॉम्बे उच्च न्यायालय में चल रहा है। इस मामले में कंगना और बृहन्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) आमने सामने हैं। फिलहाल इस केस में कंगना का पलड़ा भारी दिख रहा है, लेकिन ये जो नया मामला सामने आया है वह दो साल पुराना है।
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कंगना रणौत
- फोटो : instagram/kanganaranaut
कंगना रणौत ने दो साल पहले डिंडोशी की स्थानीय अदालत में गुहार लगाई थी कि बीएमसी को उनके घर को लेकर किसी तरह की कार्रवाई करने से रोका जाए। बीएमसी ने तब अपने सर्वे में पाया था कि कंगना ने खार इलाके के अपने घर को दरअसल एक ही मंजिल के तीन फ्लैटों को आपस में समाहित करके बना दिया है। ये फ्लैट खार की एक इमारत की 16वीं मंजिल पर स्थित है।
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कंगना रणौत
- फोटो : instagram/kanganaranaut
अदालत ने कंगना की ये याचिका खारिज करते हुए कहा कि इसमें अदालत के दखल की जरूरत ही नहीं है। सुनवाई के दौरान अदालत ने ये भी पाया कि तीन फ्लैटों को एक में मिलाने के चलते उस मंजिल का तमाम सारा सार्वजनिक स्थान भी इन फ्लैट के मालिक ने व्यक्तिगत उपयोग में इस्तेमाल कर लिया है। अदालत ने इस बीएमसी से मंजूर नक्शे का गंभीर उल्लंघन पाया है।
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कंगना रनौत (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter @KanganaTeam
कंगना रणौत की अपने घर में हुए फेरबदल को तोड़ने से बीएमसी को रोकने की ये याचिका खारिज करते हुए डिंडोशी अदालत ने उन्हें इसके खिलाफ अपील करने के लिए छह हफ्ते का समय भी दिया है। बीएमसी ने कंगना के घर में हुए इस गैर कानूनी फेरबदल को लेकर मार्च 2018 में नोटिस दिया था।