दिवंगत अभिनेता राज कुमार अपने दमदार संवाद के साथ ही अक्खड़ स्वभाव के लिए भी जाने जाते हैं। उनके कई किस्से बॉलीवुड में मशहूर हैं। इंडस्ट्री में लोग उनको सनकी तक कहा करते थे, इसकी वजह उनका रोबीला स्वभाव था। उनके एक डायलॉग पर सिनेमाहॉल तालियों से गूंज उठता था। वो अपने संवाद से दर्शकों का दिल जीत लेते थे। अपनी बेबाकी के लिए मशहूर थे।
राज कुमार अपनी शान-ओ-शौकत के लिए भी जाने जाते थे। वो ना किसी से डरते थे और ना ही किसी के नाराज होने की परवाह करते थे। कब किसकी बेइज्जती कर दे कोई नहीं जानता था। गोविंदा से लेकर रामानंद सागर तक के साथ उनके बेबाकी के किस्से मशहूर हैं। उनके चाहने वालों को काफी देरी से पता चला कि वो गले के कैंसर से पीड़ित थे। इसकी वजह यह थी कि उन्होंने आखिरी वक्त तक अपनी इस बीमारी को छिपा कर रखा। राज कुमार ऐसी शख्सियत थे जो अपने कुत्ते से भी पूछ सकते थे कि क्या वो फिल्म में एक्टिंग करेगा।
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राज कुमार
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राज कुमार का डायलॉग 'ना तलवार की धार से ना गोलियों की बौछार से, बंदा डरता है तो सिर्फ पर्वत डिगार से' बेहद लोकप्रिय हुआ था। वो अक्सर लोगों को जानी के नाम से ही बुलाते थे। वो अपने दौर के ऐसे एक्टर थे जिनकी तुनकमिजाजी जगहाजिर थी। पर्दे से इतर वो असल जिंदगी में भी मजाकिया, हाजिरजवाब और गुस्सैल थे।
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हेमा मालिनी और राज कुमार
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राज कुमार ने एक बार अभिनेता गोविंदा की शर्ट का रुमाल बना डाला था। दरअसल, यह वाकया बेहद दिलचस्प है। 80 के दशक की बात है उस वक्त गोविंदा और राज कुमार फिल्म जंगबाज की शूटिंग कर रहे थे। शॉर्ट देने के बाद गोविंदा राज कुमार के साथ बैठे गये थे। डांसर के मास्टर गोविंदा ने जो शर्ट पहनी थी, वो राज कुमार को पसंद आ गई थी। इस बात के बारे में जब राज कुमार ने गोविंदा को बताया तो उन्होंने फौरन अपनी वह शर्ट उन्हें दे दी। लेकिन, कुछ दिन बाद राज कुमार गोविंदा के इसी शर्ट का रुमाल अपने जेब में डालकर घूम रहे थे।
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हेमा मालिनी और राज कुमार
- फोटो : Twitter
फिल्म आंखें में रामानंद सागर राज कुमार को कास्ट करना चाहते थे। इसके लिए वो उनके घर पहुंचे और उनको कहानी भी सुनाई। लेकिन राज कुमार को कहानी पसंद नहीं आई और उन्होंने अपने पालतू कुत्ते को आवाज लगाई और जैसे ही डॉगी उनके करीब पहुंचा तो उन्होंने उससे पूछा- क्या वह इस फिल्म में रोल करना चाहता है। कुत्ते ने उनकी ओर देखा और कुछ नहीं कहा। इस पर उन्होंने रामानंद सागर से कहा कि देखो ये रोल तो मेरा कुत्ता भी नहीं करना चाहता है। यह सुनते ही रामानंद सागर वहां से चले गये। इस घटना के बाद से रामानंद और राज कुमार ने कभी साथ काम नहीं किया।
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मीना कुमारी और राज कुमार
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आंखें फिल्म 1968 में आई और इसमें राज कुमार की जगह धर्मेंद्र ने किरदार निभाया। दरअसल, राज कुमार ने एक फिल्म सिर्फ बदबू के कारण छोड़ दी थी। यह फिल्म जंजीर थी और इसमें बाद में राज कुमार की जगह अमिताभ बच्चन ने काम किया। जंजीर फिल्म से अमिताभ रातों रात स्टार बन गये थे। दरअसल, प्रकाश मेहरा राज कुमार को फिल्म में लेना चाहते थे और इसके लिए वो उनके पास भी पहुंचे और राज कुमार ने उनसे कहा कि तुम्हारे पास से बिजनौरी तेल की बदबू आ रही है और हम फिल्म तो दूर तुम्हारे साथ एक मिनट खड़ा होना भी बर्दास्त नहीं कर सकते हैं।