सैफ अली खान और करीना कपूर के 10 महीने के बेटे तैमूर अली खान आए दिन मीडिया में छाए रहते हैं। पिता सैफ अपने बेटे को स्टार बताते हैं और कहते हैं कि आगे चलकर तैमूर की हर बात में आलोचना होगी इसलिए वो हर जगह शराफत से पेश आएंगे।
सैफ अली खान ने बीबीसी से कहा, "वो वाकई में स्टार है। उसका कैमरे की तरफ देखने का अलग ढंग है। पता नहीं बाद में क्या होगा पर हम उसको संभालने की कोशिश करेंगे।" वो कहते हैं, 'तैमूर को संभालने में अगर आया की मदद नहीं मिलती तो वो अभिनय छोड़ देते।'
सैफ आगे कहते हैं, "माता पिता मेहनत करते हैं एक मुकाम पर पहुंचने के लिए। पर एक इमेज है कि हम बिगड़े हुए हैं और हमें सब आसानी से मिला है। ये हकीकत नहीं है और हकीकत कोई जानना नहीं चाहता है। सच ये है कि हमने भी मेहनत की है पर तैमूर को ये सब पहले से ही मिलेगा। उसका जीवन स्तर ऊंचा होगा, पर बतौर माता पिता हम उसे ये सब कैसे समझाएंगे ये जरूरी है।"
उनका मानना है, 'तैमूर को खास बनाने में मीडिया का बहुत बड़ा हाथ होगा। उस पर हमेशा लोगों की नजरे टिकी होंगी और काफी विवेचना-आलोचना होगी इसलिए उसे पता होगा कि घर से बाहर उन्हें कैसा बर्ताव करना है।' पटौदी खानदान के राजकुमार माने जाने वाले सैफ का कहना है कि अब कोई रॉयल फैमिली नहीं रही। वो कहते हैं, "रॉयल फैमिली के साथ काफी नकारात्मकता जुड़ी हुई है। वो अब ऐसी सोच भी नहीं रखते हैं क्योंकि अब सब लोकतंत्र में रहते हैं।"
47 वर्षीय सैफ अली खान का एक समय सपना था कि वो 50 की उम्र में अभिनय छोड़ दें। वो कहते हैं, "मुझे लगता था कि काम ना करना आजादी है पर अब मेरे लिए आजादी की परिभाषा बदल गई है। अब काम करना आजादी है और अब मैं हमेशा काम करना चाहूंगा। फिलहाल मैं जिस तरह का काम कर रहा हूं, उससे काफी संतुष्ट हूं।"
लंबे समय से हिट फिल्म के लिए तरस रहे सैफ अली खान को हिट या फ्लॉप से फर्क पड़ता है। पिछली फिल्म 'रंगून' पर टिप्पणी करते हुए सैफ आगे कहते हैं, "विशाल भारद्वाज के साथ काम करके बतौर अभिनेता बहुत अच्छा महसूस होता है। हमने एक रचनात्मक कोशिश तो की। मैं विशाल के साथ हमेशा काम करूंगा पर सिर्फ पैसे के लिए परंपरागत फिल्मों का हिस्सा नहीं बनूंगा।" राजा कृष्णा मेनन के निर्देशन में बनी फिल्म 'शेफ' में सैफ रसोइये के किरदार में नजर आएंगे।