संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' काफी विवादों के बाद इस साल की शुरुआत में रिलीज हो पाई। विरोध इतना था कि फिल्म में रानी पद्मावती बनीं एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण की नाक काटने की धमकी तक दी गई। इसी साल 31 जनवरी को फिल्म पद्मावत का विरोध करते हुए सूरजपाल अम्मू ने हरियाणा बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने लेटर जारी कर बताया है कि अम्मू का इस्तीफा नामंजूर कर दिया गया था। अब वे पहले की तरह भाजपा प्रदेश प्रवक्ता के पद पर बने रहेंगे। अम्मू ने मेरठ के एक युवक का समर्थन किया था जिसने फिल्म का विरोध करते हुए अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की नाक काटकर लाने वाले को 10 करोड़ रुपए इनाम देने की बात कही थी।
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सूरजपाल अम्मू
- फोटो : ani
सूरजपाल अम्मू ने संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत के खिलाफ मोर्चा खोला था। इसके बाद से ही अम्मू सुर्खियों में आए थे। विरोध के दौरान गुरुग्राम पुलिस ने उन्हें 25 जनवरी को गिरफ्तार किया था। फिल्म 'पद्मावत' को लेकर विवादित बयान देने के कारण अम्मू की न्यायिक हिरासत 29 जनवरी 2018 को खत्म होने वाली थी और उन्हें हरियाणा कोर्ट में पेश किया जाना था लेकिन इसी दौरान अचानक से उनकी तबीयत बिगड़ गई। और आखिरकार विरोध बढ़ने पर उन्होंने पार्टी से अपना इस्तीफा दे दिया था।
आपको बता दें कि विवादों में घिरे होने के बावजूद फिल्म 'पद्मावत' दर्शकों को पसंद आई थी। फिल्म ने 250 करोड़ से ज्यादा की कमाई करते हुए सबको चौंका दिया था। फिल्म में रानी पद्मावती बनीं दीपिका की सभी ने जमकर तारीफ की थी।
पद्मावत का नाम पहले पद्मावती रखा गया था। लेकिन सीबीएफसी के आदेश के बाद इसका नाम बदला गया। इसके बाद भी इस फिल्म को कई विवादों का सामना करना पड़ा। कई राज्यों में फिल्म बैन रही लेकिन रिलीज के बाद फिल्म ने बॉक्सऑफिस पर धूम मचा दी।