स्मिता पाटिल ने हिंदी सिनेमा जगत में भले ही कम समय के लिए काम किया, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत से हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग छवि बनाई, जिसके बाद वो एक स्टार के रूप में उभरीं। स्मिता पाटिल ने करियर की शुरुआत फिल्म 'चरणदास चोर' से 1975 में की थी। फिल्मों में बोल्ड सीन देने में संकोच ना करने वाली स्मिता पाटिल असल जिंदगी में बेहद ही शांत महिला थीं। स्मिता पाटिल का चेहरा सामने आते ही कई किस्से बयां हो जाते थे।
अस्सी के दशक में स्मिता ने व्यावसायिक फिल्मों की ओर अपना रुख किया। उन्होंने सुपर स्टार अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म नमक हलाल और शक्ति में काम किया। फिल्मों में अमिताभ बच्चन के साथ काम करते करते दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई थी। अमिताभ बच्चन ने उनके बारे में खुलासा किया था कि कुली फिल्म के हादसे के बारे में स्मिता को पहले से ही अंदेश हो गया था।
अमिताभ का कहना है कि 'कुली' फिल्म के सेट पर उनके साथ हुई दुर्घटना के बारे में स्मिता पाटिल को एक दिन बुरा सपना आया था। उन्होंने स्मिता पाटिल के 60वें जन्मदिन पर लेखक मैथिली राव की पुस्तक 'स्मिता पाटिल:ए ब्रीफ इंकंडेसंस' के विमोचन पर ये बात कही। अमिताभ ने कहा, "एक बार कुली की शूटिंग के लिए मैं बंगलुरु में था। रात को लगभग दो बजे मुझे स्मिता पाटिल का फोन आया।
अमिताभ बोले-मैं चकित था क्योंकि मैंने कभी ऐसे समय में उनसे बात नहीं की थी, मुझे लगा कि कोई जरूरी बात होगी, तभी उनका फोन आया होगा।" स्मिता को यह सपना आया था कि वह घायल हो गए हैं, जिसे लेकर स्मिता पाटिल ने अमिताभ को आधी रात को फोन करके अपना सपना बताया था और अमिताभ ने हंसकर कहा था कि मैं ठीक हूं स्मिता जी ...आप परेशान न हों।
बिग बी के मुताबिक इसके ठीक अगले ही दिन फिल्म के सेट पर दुर्घटना हो गई थी। 1982 में 'कुली' की शूटिंग के दौरान अमिताभ बुरी तरह चोटिल हो गए थे और उन्हें ठीक होने में कई महीने लग गए थे। कहा जाता है कि स्मिता पाटिल की आंखे बोलती थी, उनकी आंखों में अलग तरह की कशिश थी। महज 16 साल की उम्र से ही वह न्यूज रीडर के तौर पर काम करती थीं। स्मिता पाटिल एक बेहतरीन एंकर के साथ साथ एक बेहतरीन फोटोग्राफर भी थीं।