हिंदी सिनेमाजगत के सबसे बड़े विलेन अमजद खान (Amjad Khan) आज भले ही हम लोगों के बीच नहीं हैं लेकिन उनकी आवाज की दीवानगी और डायलॉग लोगों की जुंबा पर अब भी है। फिल्म शोले में अमजद खान के द्वारा बोला गया एक एक शब्द जैसे मानों मील का पत्थर बन गया हो। आज भी लोग अमजद खान के शोले फिल्म के डायलॉग को दोहराते हुए नजर आते हैं। खास तौर पर कितने आदमी थे वाला डायलॉग। अमजद खान ने अपने किरदारों से जितनी अमिट छाप छोड़ी है उतना उनके बेटे कमाल नहीं दिखा पाए। अमजद खान ने के दो बेटे हैं शादाब और सीमाब। इन दोनों ने बॉलीवुड में अपनी किस्मत तो आजमाई लेकिन कुछ खास नहीं कर पाए। अमजद खान की डेथ एनिवर्सरी 27 जुलाई को है, जानिए 6 अनसुने किस्से।
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raja ki aayegi baraat
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हर बेटे का सपना होता है कि वह अपने पिता के नक्शे कदम पर चले और उनका नाम रौशन करे। ऐसा ही ख्वाब अमजद खान के दोनों बेटों शादाब और सीमाब का था। अमजद खान के बड़े बेटे शादाब ने 1997 में रानी मुखर्जी के साथ 'राजा की आएगी बारात' फिल्म से बॉलीवुड सफर की शुरुआत की थी। पहली फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई थी और तभी शादाब ने बॉलीवुड को हमेशा के लिए छोड़ने का फैसला कर लिया।
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Amitabh and Shadab
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शादाब ने एक्टिंग की राह छोड़कर लेखनी की ओर कदम बढ़ाया और अपने पापा अमजद खान की बायोग्राफी पर काम करना शुरू कर दिया था। साल 2015 में शादाब की लिखी किताब 'मर्डर इन बॉलीवुड' को अमिताभ बच्चन ने लांच किया था। दरअसल, अमजद खान और अमिताभ बच्चन काफी अच्छे दोस्त थे। फिल्म 'शोले' के अलावा इन दोनों ने कई सारी फिल्मों में एक साथ काम भी किया। इन दोनों का याराना उस वक्त इंडस्ट्री में काफी मशहूर था।
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sholay
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किताब लांच के दौरान अमिताभ बच्चन ने कहा था - 'शादाब तुम्हें इस तरह देखकर मुझे अपनी आंखों पर बिल्कुल यकीन नहीं हो रहा है। तुम मेरे सामने ही हुए हो। अमजद भाई और मैं अच्छे सह-कलाकार होने के साथ-साथ दोस्त भी थे। इसी रिश्ते की वजह से मैं यहां पर मौजूद हूं।' वहीं सीमाब की अमजद खान के छोटे बेटे हैं। दोनों ही बच्चों को पिता से एक्टिंग विरासत में मिली, लेकिन उन्हें हमेशा ही अमजद खान के बेटों के रूप में ही जाना गया। हालांकि शादाब और सीमाब ने अपनी अलग ही पहचान बनाने की कोशिश की।
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Seemaab Khan
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आज जहां शादाब खान एक्टिंग छोड़ लेखक बन गए हैं, तो सीमाब खान की भी अपनी एक अलग पहचान है। सीमाब खान ने क्रिकेट की ओर रुख किया था। हालांकि ऐसा नहीं है कि सीमाब खान ने फिल्मी दुनिया में अपने कदम जमाने की कोशिश नहीं की। सीमाब ने 'हिम्मतवाला' और 'हाउसफुल 2' में साजिद खान को असिस्ट किया, लेकिन उनका मन नहीं लगा। सीमाब पर यह चीज हावी थी कि लोग अभी भी उन्हें उनके पिता के नाम से ही जानते हैं। वह अपनी एक अलग पहचान बनाने के लिए बेचैन थे। शायद इसीलिए सीमाब खान ने क्रिकेट में भी हाथ आजमाया।